रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) 1.78 बिलियन डॉलर यानी करीब 16,706 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ बिक गई है। इसके साथ ही बेंगलुरु IPL की सबसे महंगी टीम बन गई। RCB टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन है। क्रिकबज की रिपोर्ट अनुसार, RCB को आदित्य बिड़ला ग्रुप (ABG), टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप (TOI), बोल्ट वेंचर्स (Bolt) और ब्लैकस्टोन्स (BXPE) परपिचुअल प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटिजी ने मिलकर खरीदा। इससे पहले क्रिकबज ने ही मंगलवार को बताया था, राजस्थान रॉयल्स 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15,289 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ बिक गई है। राजस्थान अब दूसरी सबसे महंगी IPL टीम बन गई। न्यूज एजेंसी PTI ने सोर्स के हवाले से बताया कि भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी और उनके कॉन्सोर्टियम ने राजस्थान के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई, जिसे मंजूर कर लिया गया। RCB और RR 2 सबसे महंगी IPL टीमें RCB सबसे महंगी टीम बनी। वहीं राजस्थान ने लखनऊ सुपर जायंट्स का रिकॉर्ड तोड़ा था। लखनऊ को संजीव गोयनका के RPSG ग्रुप ने 2021 में 7,090 करोड़ की भारी बोली लगाकर खरीदा था। आर्यमान बिड़ला चेयरमैन बने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की नई ओनरशिप के साथ आदित्य बिड़ला ग्रुप के डायरेक्टर आर्यमान बिड़ला को टीम का चेयरमैन भी बनाया गया। 28 साल के आर्यमान बिड़ला का क्रिकेट और बिजनेस दोनों में अनुभव रहा है। वे पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर हैं और मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। उन्होंने 16 पारियों में 414 रन बनाए, जिनमें एक शतक शामिल है। 2018 के IPL ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपए में खरीदा था, लेकिन उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। इसके बाद 2019 में उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक ले लिया। क्रिकेट से दूर होने के बाद उन्होंने बिजनेस पर फोकस किया। आर्यमान ने आदित्य बिड़ला ग्रुप के हॉस्पिटैलिटी और वेंचर कैपिटल की शुरुआत की। 2023 में वे ग्रुप की टॉप डिसीजन मेकिंग बॉडी में शामिल हुए। इसके अलावा वे हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और आदित्य बिड़ला फैशन रिटेल जैसी कंपनियों के बोर्ड में भी हैं। मेंस और विमेंस दोनों टीमों को खरीदा 4 कंपनियों के कंसोर्टियम ने पिछली मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) के साथ एग्रीमेंट साइन किया और RCB के 100% शेयर्स खरीद लिए। इस एग्रीमेंट में RCB की मेंस और विमेंस दोनों टीमें शामिल हैं। विमेंस टीम के नाम 2 विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) टाइटल हैं, वहीं मेंस टीम 2025 में ही पहली बार चैंपियन बनी थी। 16 गुना ज्यादा कीमत देकर खरीदा RCB को 2008 में विजय माल्या ने 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। तब यह कीमत भारतीय मुद्रा में 446 करोड़ रुपए थी, लेकिन मार्च 2026 के कन्वर्जन के हिसाब से यह कीमत 1050 करोड़ रुपए होती है। यानी RCB की कीमत 19 साल में करीब 16 गुना तक बढ़ गई। RCB को 2016 में USL कंपनी ने खरीद लिया था। अब 10 साल बाद टीम को नया मालिक मिल गया। 24 गुना ज्यादा में बिकी राजस्थान 2008 में जब राजस्थान रॉयल्स को खरीदा गया था, तब इसकी कीमत सिर्फ 67 मिलियन डॉलर थी, जो उस समय लगभग ₹260-270 करोड़ के आसपास बैठती थी। अगर उसी 67 मिलियन डॉलर को आज की वैल्यू में देखा जाए, तो यह करीब ₹628 करोड़ बनता है। अब 2026 में यही फ्रेंचाइजी करीब 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग ₹15,289 करोड़) में बिकी है। यानी, मौजूदा वैल्यू की तुलना 2008 की आज की कीमत (₹628 करोड़) से करें, तो राजस्थान रॉयल्स की कीमत में करीब 24 गुना का उछाल आया है। चार कंपनियां रेस में थीं राजस्थान रॉयल्स की फाइनल बिडिंग रेस में चार बड़े ग्रुप शामिल थे। इसमें आदित्य बिरला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप और कैपरी ग्लोबल भी दावेदारी में थे। हालांकि, इन सभी को पीछे छोड़ते हुए काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने आखिरकार यह बोली जीत ली। काल सोमानी कौन हैं? काल सोमानी टेक्नोलॉजी और निवेश जगत का बड़ा नाम हैं। उन्होंने एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, AI गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक जैसे क्षेत्रों में कई वैश्विक कंपनियां खड़ी की हैं। इस डील के साथ उनका खेल जगत में निवेश और मजबूत हो गया है। सोमानी 2021 से फ्रेंचाइजी में इन्वेस्टर हैं काल सोमानी पहले से ही राजस्थान रॉयल्स में इन्वेस्टर थे। 2021 में उन्होंने फ्रेंचाइजी में एंट्री ली थी। सोमानी ने तब कहा था- हमें इस निवेश में बहुत बड़ी संभावना दिख रही है और हम IPL के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। इससे पहले RR के 65% शेयर ब्रिटिश-इंडियन मनोज बदाले के पास थे। 2008 में चैंपियन बनी थी राजस्थान शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने IPL का पहला सीजन 2008 में जीता था। लेकिन उसके बाद टीम का प्रदर्शन नीचे जाने लगा। उसके बाद से टीम सिर्फ एक बार 2022 में फाइनल में पहुंची है। तब गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उसे हार मिली। दो साल के लिए बैन हुई थी RR राजस्थान रॉयल्स को 2015 में सामने आए स्पॉट-फिक्सिंग मामले की वजह से 2 साल के लिए बैन कर दिया गया था। जांच के बाद लोढ़ा समिति ने टीम के सह-मालिक राज कुंद्रा को सट्टेबाजी का दोषी पाया था। इसके कारण राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स दोनों को 2016 और 2017 के आईपीएल सीजन से बाहर कर दिया गया। बाद में 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने फिर से आईपीएल में वापसी की। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु भगदड़ के मृतकों को अनूठी श्रद्धांजलि:चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी। वहीं, स्टेडियम के एंट्री गेट पर स्मारक पट्टिका (मेमोरियल प्लाक) और हर मैच से पहले एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा, जिसमें दोनों टीमें हिस्सा लेंगी। पूरी खबर…
- 24/03/2026
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