11वीं के छात्र का ऐतिहासिक कारनामा:क्लास से छुट्टी लेकर दौड़ने गए 17 साल के कूपर, बने सबसे कम उम्र के वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियन

11वीं के छात्र का ऐतिहासिक कारनामा:क्लास से छुट्टी लेकर दौड़ने गए 17 साल के कूपर, बने सबसे कम उम्र के वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियन

उम्र महज 17 साल, 3 महीने, 3 दिन। जिस उम्र में बच्चे स्कूल की पढ़ाई, क्लासरूम और परीक्षाओं की उलझनों में फंसे होते हैं, उस उम्र में अमेरिका के 11वीं के छात्र कूपर लुटकेनहॉस ने दुनिया जीत ली है। टेक्सास के ‘नॉर्थवेस्ट हाई स्कूल’ में पढ़ने वाले कूपर क्लास से छुट्टी लेकर पोलैंड पहुंचे और इतिहास रच दिया। टोरून में आयोजित वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स की 800 मीटर रेस में उन्होंने गोल्ड जीता। वे वर्ल्ड इंडोर के इतिहास में गोल्ड जीतने वाले सबसे कम उम्र के चैम्पियन बन गए हैं। कूपर ने फाइनल रेस 1 मिनट 44.24 सेकंड में पूरी की, जो उनके करियर की दूसरी सबसे तेज टाइमिंग है। इस रोमांचक फाइनल में उन्होंने बेल्जियम के इलियट क्रेस्टन (सिल्वर) को मात्र 0.14 सेकंड के करीबी अंतर से मात दी। स्पेन के मोहम्मद अताउई ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। फाइनल में कूपर ने उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई। लेन 4 से शुरुआत करते हुए वे रेस के शुरुआती हिस्से में क्रेस्टन के ठीक पीछे रहे। 400 मीटर की दूरी 51.92 सेकंड में तय हुई, लेकिन जैसे ही तीसरा लैप (600 मीटर) शुरू हुआ, कूपर ने रेस का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने जो तूफानी रफ्तार पकड़ी, उसने सबको हैरान कर दिया। उनका आखिरी लैप ट्रैक पर मौजूद सभी एथलीट में सबसे तेज (26.17 सेकंड) रहा। इससे पहले सेमीफाइनल में भी उन्होंने 1:44.48 मिनट का बेहतरीन समय निकाला था। ग्लोबल मंच पर कूपर का यह पहला मेडल है। लेकिन यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। महज सात महीने पहले, 16 साल की उम्र में वे टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स में अपनी हीट में 7वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए थे। लेकिन उस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं। 2025 में ही उन्होंने कॉलेज एथलेटिक्स छोड़कर पेशेवर बनने का फैसला किया। उसी साल उन्हें ‘यंग एथलीट ऑफ द ईयर’ चुना गया था और फरवरी में उन्होंने यूएस इंडोर का खिताब भी जीता। कूपर 800 मीटर और 600 मीटर (1:14.15 मिनट) में अंडर-20 इंडोर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं। उनकी जीत ने 800 मीटर में अमेरिका का दबदबा कायम रखा है। यह लगातार तीसरा मौका है, जब यह ग्लोबल इंडोर खिताब अमेरिकी ने जीता है। 2025 में जोश होए और 2024 में ब्राइस होपेल विजेता बने थे। जीत के बाद कूपर लुटकेनहॉस बोले मैं यह सोचकर मैदान पर उतरा था कि शायद मैं इस रेस का फेवरेट नहीं हूं। हो सकता है यह मेरे कम उम्र होने का असर हो, लेकिन तीसरे लैप में मुझे खुद पर भरोसा था और मैंने यहीं से रेस को कंट्रोल करने का फैसला किया। आखिरी 150 मीटर में मेरे साथियों की चीयरिंग ने मुझे फिनिश लाइन तक सबसे पहले पहुंचा दिया। –

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *