क्या झारखंड पूरी तरह नक्सल मुक्त हुआ? बुढ़ा पहाड़ पहुंचे मंत्री, बोले—अभी नहीं हटेंगे सुरक्षा बल

क्या झारखंड पूरी तरह नक्सल मुक्त हुआ? बुढ़ा पहाड़ पहुंचे मंत्री, बोले—अभी नहीं हटेंगे सुरक्षा बल

झारखंड के बुढ़ा पहाड़ दौरे पर पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य में नक्सल प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी।

रांची: झारखंड को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के दावों के बीच राज्य में स्थिति को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं। इसी संदर्भ में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने माओवादी गतिविधियों से प्रभावित रहे गढ़वा जिले के बुढ़ा पहाड़ क्षेत्र का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि भले ही नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल केंद्रीय सुरक्षा बलों को हटाना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित नहीं हो जातीं, तब तक सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। कई राज्यों—जैसे झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश—में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में उग्रवादी मारे गए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। बावजूद इसके, अधिकारियों का मानना है कि माओवादी विचारधारा का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

बुढ़ा पहाड़ दौरे के दौरान मंत्री किशोर ने सीआरपीएफ कैंप का निरीक्षण किया और वहां तैनात अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि इस इलाके से सुरक्षा बलों को हटाना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करेगी। उन्होंने बताया कि सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए जल्द योजना तैयार की जाएगी। साथ ही उन्होंने गढ़वा के उपायुक्त को निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारियों की बैठक कर बुढ़ा पहाड़ विकास योजना की समीक्षा की जाए।

दौरे के दौरान मंत्री किशोर ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने करीब 10 किलोमीटर का सफर वाहन से और शेष दूरी बाइक व पैदल तय की। उन्होंने उस स्थान का भी दौरा किया, जहां कभी नक्सली गतिविधियां संचालित होती थीं।

सरकार का मानना है कि नक्सल समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है, लेकिन पूरी तरह समाप्ति के लिए अभी सतर्कता और विकास दोनों जरूरी हैं।

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