रांची ब्रह्मचारी नगर जमीन घोटाला: आदिवासी और गैरमजरूआ जमीन पर बन रहे आलीशान मकान, सरकारी कनेक्शन की आशंका

रांची ब्रह्मचारी नगर जमीन घोटाला: आदिवासी और गैरमजरूआ जमीन पर बन रहे आलीशान मकान, सरकारी कनेक्शन की आशंका

रांची के कांके रोड स्थित ब्रह्मचारी नगर में आदिवासी और गैरमजरूआ जमीन पर अवैध निर्माण का मामला गरमाया। भू-माफिया और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका, ACB की नजर।

Ranchi: राजधानी रांची के कांके रोड स्थित ब्रह्मचारी नगर इलाके में जमीन से जुड़ा मामला अब बड़ा विवाद बनता जा रहा है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में आदिवासी और गैरमजरूआ जमीन पर बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें कथित रूप से भू-माफिया और कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ रही है।

सूत्रों के मुताबिक, चंदवे बस्ती के कुछ हिस्सों को धीरे-धीरे ब्रह्मचारी नगर में बदल दिया गया और इस प्रक्रिया में जमीन का स्वरूप बदलकर करोड़ों का खेल किया गया। अब इस जमीन पर कई आलीशान मकानों का निर्माण किया जा रहा है, जिनके वैध दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सरकारी कनेक्शन की चर्चा तेज

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कई सरकारी विभागों से जुड़े लोगों की संलिप्तता की आशंका है। इसमें नगर निगम के एक इंजीनियर, पुलिस विभाग से जुड़े कुछ लोग, वकालत पेशे से जुड़े व्यक्ति और निजी कंपनियों के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी ने इस विवादित जमीन पर अपने-अपने घर बनाने की योजना बनाई है।

हालांकि, जमीन की वास्तविक प्रकृति (Nature of Land) को लेकर अब भी स्पष्टता नहीं है, जिससे भविष्य में कानूनी विवाद और बढ़ सकते हैं।

ACB की नजर में आया मामला

खबरों के सामने आने के बाद अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की भी नजर इस जमीन पर पड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं और जल्द ही जांच शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच हुई तो गिर सकते हैं निर्माण

जानकारों का मानना है कि यदि जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करता है, तो इस इलाके में बने कई आलीशान मकानों पर कार्रवाई हो सकती है। जमीन के कागजात में गड़बड़ी सामने आने पर अवैध निर्माणों को तोड़ा भी जा सकता है।

यह भी आशंका जताई जा रही है कि यह मामला आगे चलकर बड़े जमीन घोटाले का रूप ले सकता है, जो पहले सामने आए मामलों से भी बड़ा हो सकता है।

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