धनबाद: झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार देर शाम धनबाद परिसदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार पर झारखंड की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। वह यहां संगठन सृजन अभियान के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं।
मंत्री शिल्पी ने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में झारखंड की समस्याओं को रखा गया, लेकिन उनका कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।
यूरिया संकट के लिए केंद्र जिम्मेदार: मंत्री तिर्की
मंत्री तिर्की ने राज्य में जारी यूरिया संकट के लिए सीधे-सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस साल झारखंड में समय पर और पर्याप्त बारिश हुई है, जिससे खेती का रकबा भी बढ़ा है। लेकिन किसानों को जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य को जितनी यूरिया आवंटित करनी चाहिए थी, उतनी नहीं दी, जिसके कारण किसानों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत-पाकिस्तान-चीन रिश्तों का असर
मंत्री तिर्की ने यह भी कहा कि भारत के पाकिस्तान और चीन के साथ तनावपूर्ण रिश्तों का असर यूरिया आपूर्ति पर पड़ रहा है, क्योंकि खाद का आयात मुख्य रूप से इन्हीं देशों से होता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कही गई बातें सही साबित हो रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार झारखंड की मदद करने में पीछे हट रही है।
विस्थापन आयोग का गठन: झारखंड सरकार की बड़ी पहल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री ने झारखंड सरकार के हालिया कैबिनेट निर्णय का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विस्थापन आयोग के गठन का फैसला लिया है, जिससे वर्षों से लंबित विस्थापित परिवारों की मांग पूरी हो सकेगी।
मंत्री शिल्पी ने कहा कि यह आयोग जल्द काम शुरू करेगा और विस्थापितों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

