रांची: राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुई अंधाधुंध फायरिंग की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस वारदात में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन देसी पिस्टल, पांच कारतूस, एक बाइक, एक कार और नौ मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
सफेद शर्ट की वजह से हुई गलती
डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि राजबल्लभ गोप उर्फ बलमा की हत्या के लिए मुख्य साजिशकर्ता कुणाल कुमार उर्फ बसंत यादव ने पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। शूटरों को बताया गया था कि बलमा सफेद टी-शर्ट में होगा। लेकिन घटना के समय बलमा के साथ उसका दोस्त रवि कुमार भी सफेद शर्ट में बैठा था। ऐसे में शूटर्स ने रवि को ही बलमा समझ लिया और उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। रवि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बलमा गंभीर रूप से घायल हो गया।
पांच लाख की सुपारी और पुरानी रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि कुणाल कुमार का राजबल्लभ गोप से पुराना विवाद था। कुछ दिन पहले राजबल्लभ ने कुणाल के पिता बृज किशोर यादव को झखराटांड़ के मुख्य मार्ग पर पीटा था। इसी रंजिश में कुणाल ने अपने साथियों लालमोहन प्रजापति और बबलू यादव की मदद से हत्या की साजिश रची।
घटना से पहले बनी थी योजना
6 सितंबर की शाम ठाकुरगांव में हुई बैठक में हत्या की योजना बनी। इसके बाद अपराधी रातू पहुंचे और चरकू उर्फ प्रदीप लोहरा के घर के बाहर बैठे युवक पर गोलियां चला दीं। शूटरों ने उसे राजबल्लभ समझकर हमला किया, जिसमें रवि की मौत हो गई और राजबल्लभ घायल हो गया।
कुणाल का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुणाल पहले भी रातू थाना के केस में जेल जा चुका है। पुलिस अब मामले में फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

