भ्रष्टाचार के आरोप में फंसी दारोगा मीरा सिंह और उनके पति प्रीतम कुमार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ईडी की पूछताछ में सामने आया है कि मीरा सिंह का पति रांची में रहता है, लेकिन भागलपुर में खुद को सब्जी व्यापारी बताता है। हालांकि, ईडी को न तो उसके व्यापार के दस्तावेज मिले और न ही किसी किसान या दुकान मालिक का नाम वह बता सका।
ईडी की पूछताछ में सामने आई सच्चाई:
ईडी की टीम ने जब प्रीतम से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसकी सब्जी की थोक दुकान भागलपुर जिले के सुल्तानपुर सब्जी मंडी में है। दुकान किराये पर ली गई है, जिसका किराया ₹5000 प्रति माह नकद में दिया जाता है। लेकिन पूछताछ में वह यह नहीं बता सका कि दुकान किसकी है या किराये का कोई एग्रीमेंट उसके पास है।
प्रीतम ने दावा किया कि वह किसानों से थोक में सब्जी खरीदता है, लेकिन जब ईडी ने किसी एक किसान का नाम पूछा — तो वह जवाब नहीं दे सका। न तो उसके पास खाता-बही थी और न ही बिक्री का कोई दस्तावेज। उसने कहा कि वह “रफ शीट्स” पर रोज की बिक्री लिखता है, परंतु वे भी उसके पास नहीं थीं।
बैंक खातों में भारी नकदी, साली से लिया ₹34 लाख का कर्ज:
जांच के दौरान ईडी को प्रीतम कुमार के कई बैंक खातों में भारी नकद जमा का पता चला। पूछे जाने पर उसने बताया कि उसे यह रकम उसकी साली मृदुला वर्मा ने ब्याज-मुक्त कर्ज के रूप में दी थी। यह रकम उसने भागलपुर में बिल्डिंग निर्माण के लिए उपयोग करने की बात कही।
हालांकि, ईडी को इस लेन-देन का भी कोई ठोस दस्तावेज नहीं मिला। एजेंसी को शक है कि यह सारा पैसा मीरा सिंह की कथित काली कमाई को सफेद दिखाने की कोशिश थी।
ईडी रिपोर्ट के अनुसार खातों में जमा रकम:
| बैंक / खाता संख्या | जमा राशि | अवधि |
|---|---|---|
| HDFC / 501****835 | ₹1.35 लाख | 13 दिन में |
| HDFC / 502***633 | ₹22.09 लाख | 15 महीने |
| HDFC / 501****947 | ₹68 हजार | 3 महीने |
| PNB / 060*****265 | ₹6.75 लाख | 5 साल 9 महीने |
ईडी की प्रारंभिक निष्कर्ष:
पूछताछ, बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों की समीक्षा के बाद ईडी ने निष्कर्ष निकाला है कि प्रीतम कुमार द्वारा बताई गई “सब्जी मंडी” की कहानी मनगढ़ंत है। यह कहानी दरअसल उसकी पत्नी दारोगा मीरा सिंह की घूसखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग की कमाई को छिपाने का प्रयास थी।

