प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि इसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राफिया नाज ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर झामुमो-कांग्रेस गठबंधन और तृणमूल कांग्रेस का दोहरा रवैया साफ झलकता है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना के बाद बयान दिया कि “बेटियों को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए”, वह बेहद गैर-जिम्मेदाराना और शर्मनाक है। इससे साफ होता है कि सरकार अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को ही दोषी ठहरा रही है।
एनसीआरबी के आंकड़े और झारखंड की स्थिति
राफिया नाज ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में भी महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है।
एनसीआरबी के अनुसार,
- दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास के 1,521 मामले,
- छेड़छाड़ और महिलाओं की गरिमा भंग करने के 2,217 मामले,
- जबकि दहेज उत्पीड़न के 4,815 मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े साबित करते हैं कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार में भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
महिला आयोग के पुनर्गठन पर सवाल
बीजेपी प्रवक्ता ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि झारखंड महिला आयोग का पुनर्गठन अब तक क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
राफिया नाज ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि कड़े कानून और त्वरित कार्रवाई से सुनिश्चित की जा सकती है।

