बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने प्रॉपर्टी के लालच में एक मां और उसके बेटे को करीब 15 महीनों तक बंधक बनाकर रखा था। घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
घर में बंद थी मां-बेटा की जोड़ी
मामला सेक्टर 6डी के मकान नंबर 2517 का है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर 3 निवासी अनिल सिंह ने प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से मां-बेटे को पिछले डेढ़ साल से घर में बंद कर रखा था। जब स्थानीय लोगों को शक हुआ तो उन्होंने सेक्टर 6 थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संगीता कुमारी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर दोनों को मुक्त कराया। पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू के समय दोनों की हालत बेहद खराब थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
पीड़ित का दर्द – “हमें खाना भी नसीब नहीं होता था”
मुक्त कराए गए पीड़ित संतोष सिंह ने बताया कि आरोपी अनिल सिंह, जो खुद को कांग्रेस का महासचिव और इंटक (INTUC) का अध्यक्ष बताता है, ने उन्हें और उनकी मां को घर में बंद कर रखा था।
“वह घर के बाहर से ताला लगाकर चला जाता था। जब दवा या ज़रूरी सामान चाहिए होता, तो हमें रस्सी से बैग नीचे लटकाकर लेना पड़ता था। कई बार तो खाना भी नहीं मिलता था,” – संतोष सिंह ने कहा।
प्रॉपर्टी विवाद बना बंधक का कारण
पीड़ित के मुताबिक, वह चास के तारानगर के रहने वाले हैं और अपनी पत्नी से चल रहे विवाद के कारण अदालत में मुकदमा चल रहा था। इस दौरान अधिवक्ता नीतीश टंडन ने उनकी मां की मुलाकात अनिल सिंह से करवाई। अनिल ने केस में पैसे खर्च करने के बहाने उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई और पावर ऑफ अटॉर्नी भी ले ली।
इसके बाद 23 जुलाई 2024 से उसने मां-बेटे को सेक्टर 6डी के मकान में बंधक बनाकर रखा।
पुलिस जांच जारी
थाना प्रभारी संगीता कुमारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रॉपर्टी विवाद में और कौन-कौन शामिल है।

