धनबाद: झारखंड के धनबाद में ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के नाम पर की गई एक बड़ी साइबर ठगी का पुलिस ने खुलासा किया है। धनबाद साइबर पुलिस ने इस मामले में भोपाल निवासी 26 वर्षीय युवक अरुण अहिरवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए एक बुजुर्ग को डराकर उनसे 10.50 लाख रुपये की ठगी की।
खुद को ED और CBI अधिकारी बताकर डराया
पुलिस के मुताबिक, यह मामला धनबाद जिले के तुंडी क्षेत्र का है। यहां रहने वाले 73 वर्षीय बुजुर्ग को अचानक एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताया। उन्होंने बुजुर्ग को यह कहकर डराया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में शामिल हैं और उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है।
डर के माहौल में आरोपियों ने बुजुर्ग पर दबाव बनाकर अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित को लगातार धमकाया गया कि अगर उन्होंने बात नहीं मानी तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इसी डर के कारण बुजुर्ग ने कुल 10.50 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में जमा कर दिए।
शिकायत के बाद SIT का गठन
इस पूरे मामले की शिकायत 8 जनवरी 2026 को धनबाद साइबर थाना में दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की गई।
जांच में सामने आई सच्चाई
जांच में पता चला कि भोपाल निवासी अरुण अहिरवार उन बैंक खातों का खाताधारक था, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खाते में करीब 5.50 लाख रुपये आए थे। इनमें से लगभग 5 लाख रुपये चेक के जरिए बैंक शाखा से निकाल लिए गए, जबकि बाकी रकम उसके अन्य साथियों में बांट दी गई।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल ठगी की वारदात में किया गया था। ग्रामीण एसपी ने बताया कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। साथ ही, ठगी की बची हुई रकम का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें। कोई भी सरकारी एजेंसी डिजिटल गिरफ्तारी या वीडियो कॉल के जरिए धमकी नहीं देती। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

