असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झारखंड की विधायक कल्पना सोरेन को हेलिपैड की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने खुमताई और नहरकटिया की सभाओं को फोन के माध्यम से संबोधित किया और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
असम विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच झारखंड के गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन को चुनावी प्रचार के दौरान प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि कल्पना सोरेन को असम के खुमताई, नहरकटिया और मार्गेरीटा विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं करनी थीं। लेकिन हेलिपैड की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण वे निर्धारित स्थानों पर पहुंच नहीं सकीं।
इस पूरी घटना की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से हेलिपैड की अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
हालांकि, उन्होंने चुनावी प्रचार को जारी रखते हुए खुमताई और नहरकटिया की सभाओं को फोन के माध्यम से संबोधित किया, जबकि मार्गेरीटा पहुंचने के लिए उन्होंने सड़क मार्ग का सहारा लिया।
इस घटना को लेकर कल्पना सोरेन ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई को रोकने के लिए जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उनका आरोप है कि सत्ता में बैठे लोग उनकी आवाज को जनता तक पहुंचने से रोकना चाहते हैं।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि रास्ते रोके जा सकते हैं, लेकिन जनता की आवाज और आक्रोश को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी मंच छीना जा सकता है, लेकिन आंदोलन की ताकत को खत्म नहीं किया जा सकता।
कल्पना सोरेन ने दावा किया कि असम की जनता इस तरह की बाधाओं का जवाब चुनाव में देगी।

