Vedanta Q3 Results: मजबूत वैश्विक बाजार और बेस मेटल की ऊंची कीमतों के चलते वेदांता का तीसरी तिमाही का मुनाफा बढ़कर 5,710 करोड़ रुपये पहुंच गया। एल्यूमिनियम और कॉपर सेगमेंट से मिला बड़ा सहारा।
देश की प्रमुख खनन और धातु उत्पादक कंपनी वेदांता लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बेहतर वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। वैश्विक बाजार में बेस मेटल की मजबूत कीमतों के चलते कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कंपनी की ओर से जारी वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में वेदांता का समेकित शुद्ध मुनाफा बढ़कर 5,710 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,547 करोड़ रुपये था, जिससे सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि देखने को मिली है।
एल्यूमिनियम कीमतों से मिला बड़ा सहारा
इस तिमाही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्यूमिनियम की ऊंची कीमतों ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की। चीन में सर्दियों के दौरान बिजली कटौती, उत्पादन में कमी और सख्त पर्यावरण नियमों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतों में तेजी आई।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित स्टॉक और उत्पादन संबंधी चुनौतियों के चलते आने वाले समय में भी एल्यूमिनियम के दाम मजबूत बने रह सकते हैं।
बेस मेटल की कीमतों में बढ़ोतरी
रिपोर्टिंग अवधि के दौरान लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर प्रमुख धातुओं की कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई:
- एल्यूमिनियम: 11.8% की बढ़ोतरी
- जिंक: 5.3% की तेजी
- कॉपर: 21% का उछाल
इन बढ़ी हुई कीमतों से खनन कंपनियों के रेवेन्यू और मुनाफे के मार्जिन को समर्थन मिला, जिसका सीधा लाभ वेदांता को हुआ।
मुनाफे और मार्जिन में सुधार
वेदांता का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 22% से बढ़कर 27% तक पहुंच गया। यह कंपनी की बेहतर लागत प्रबंधन नीति और मजबूत बाजार स्थिति को दर्शाता है।
सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- एल्यूमिनियम सेगमेंट: 10.2% की वृद्धि
- जिंक इंडिया: 16% की बढ़ोतरी
- कॉपर सेगमेंट: 48.9% की तेज छलांग
एल्यूमिनियम कारोबार बना मुख्य आधार
वेदांता का एल्यूमिनियम कारोबार देश में सबसे बड़ा माना जाता है और कंपनी की कुल आय में इसका योगदान लगभग 40% है। इसी वजह से एल्यूमिनियम की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर कंपनी के समग्र प्रदर्शन पर पड़ा।
इसके अलावा, वेदांता की सहयोगी कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने भी चांदी और जिंक की मजबूत कीमतों के कारण तीसरी तिमाही में बेहतर मुनाफा दर्ज किया है।

