नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे देश के डेयरी और कृषि क्षेत्र पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि यह समझौता किसानों और डेयरी उत्पादकों के हितों की पूरी तरह सुरक्षा करता है।
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने समझौते में उन क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा है, जो देश के लिए संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारतीय किसानों और डेयरी उद्योग को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि इस व्यापार समझौते से भारत की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी। इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिका जैसे बड़े बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि समझौते से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाएं और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसके विस्तृत प्रावधानों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत में व्यापार, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसके बाद अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ दर घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि यह व्यापार समझौता देश के व्यापार को नई दिशा देगा, उद्योगों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक संतुलित और लाभकारी कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों, उद्योगों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

