Bokaro Treasury Scam: 3.15 करोड़ की संदिग्ध निकासी, अकाउंटेंट गिरफ्तार, कई और लोगों पर शक

Bokaro Treasury Scam: 3.15 करोड़ की संदिग्ध निकासी, अकाउंटेंट गिरफ्तार, कई और लोगों पर शक

बोकारो ट्रेजरी से 3.15 करोड़ रुपये की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आया है। पुलिस ने अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है और कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।

बोकारो ट्रेजरी से करोड़ों की संदिग्ध निकासी

झारखंड के बोकारो जिले से एक बड़ा वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जहां ट्रेजरी से वेतन मद में लगभग 3.15 करोड़ रुपये की संदिग्ध निकासी की गई। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई।

उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर ट्रेजरी ऑफिसर द्वारा संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

प्रारंभिक जांच के दौरान कोषागार रिकॉर्ड और बैंक खातों का मिलान किया गया, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि एक पुलिस अधिकारी के नाम से वेतन मद की राशि निकालकर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।

यह लेन-देन सरकारी नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिससे वित्तीय गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।


पत्नी के खाते में ट्रांसफर हुई रकम

जांच में यह भी सामने आया कि निकाली गई राशि को पुलिस विभाग के एक अकाउंटेंट द्वारा उसकी पत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित कराया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है।


प्रशासन ने शुरू की सख्त कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करें।


बैंक खातों को फ्रीज करने की तैयारी

प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।


एसपी को भी दिए गए निर्देश

जिला प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिया है कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।


और लोगों की भूमिका पर भी शक

प्रशासन का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। जांच के दायरे में अन्य संभावित लोगों को भी शामिल किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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