केंद्रीय बजट 2026 में ऑरेंज इकॉनमी को विशेष प्राथमिकता दी गई है। AVGC सेक्टर, क्रिएटिव एजुकेशन और डिजिटल इंडस्ट्री को बढ़ावा देकर सरकार युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार कर रही है।
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने पहली बार ऑरेंज इकॉनमी को प्रमुख स्थान दिया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि रचनात्मक उद्योग आने वाले वर्षों में रोजगार और आर्थिक विकास का अहम आधार बनेंगे।
सरकार का मानना है कि क्रिएटिव सेक्टर न केवल युवाओं को नए अवसर देगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगा।
क्या है ऑरेंज इकॉनमी?
ऑरेंज इकॉनमी उन क्षेत्रों को कहा जाता है जो रचनात्मक सोच, कला, तकनीक और बौद्धिक संपदा पर आधारित होते हैं। इसमें शामिल हैं—
- एनिमेशन
- गेमिंग
- विजुअल इफेक्ट्स (VFX)
- कॉमिक्स
- डिजिटल कंटेंट
- डिजाइन और मीडिया इंडस्ट्री
ये सभी क्षेत्र तेजी से बढ़ रहे हैं और युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोल रहे हैं।
बजट 2026 की प्रमुख घोषणाएं
बजट में AVGC सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है। सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (IICT), मुंबई के सहयोग से देशभर में—
- 15,000 स्कूलों
- 500 कॉलेजों
में कंटेंट क्रिएशन और AVGC लैब्स स्थापित करेगी।
इसका उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स से जोड़ना है।
युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार आने वाले समय में क्रिएटिव और डिजिटल सेक्टर में करीब 20 लाख से अधिक पेशेवरों की जरूरत होगी।
इस योजना के माध्यम से सरकार युवाओं को—
- आधुनिक तकनीक से जोड़ने
- स्वरोजगार को बढ़ावा देने
- स्टार्टअप और फ्रीलांसिंग को प्रोत्साहित करने
की दिशा में काम कर रही है।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
बजट 2026 में क्रिएटिव एजुकेशन को विशेष महत्व दिया गया है। डिजाइन, मीडिया और डिजिटल आर्ट्स से जुड़े संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि भारत एक वैश्विक क्रिएटिव हब बन सके।
देश की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है ऑरेंज इकॉनमी?
ऑरेंज इकॉनमी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यह—
- आर्थिक विकास
- सांस्कृतिक पहचान
- डिजिटल निर्यात
- सॉफ्ट पावर
को भी मजबूत करती है।
सरकार का मानना है कि यह सेक्टर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बजट 2026 में ऑरेंज इकॉनमी को भविष्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार माना गया है। शिक्षा, तकनीक और स्किल डेवलपमेंट के जरिए सरकार युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही है। यदि ये योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होती हैं, तो भारत आने वाले समय में क्रिएटिव इंडस्ट्री का वैश्विक लीडर बन सकता है।

