पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में करारी हार झेलने के बाद जनसुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आते ही पत्रकारों ने उनसे लगातार कड़े सवाल पूछने शुरू कर दिए, जिसके कारण वे असहज होते दिखे और कुछ देर बाद कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए।
जनसुराज कैंप के पास स्थित एक होटल में यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। PK ने जैसे ही अपनी बात शुरू की, पत्रकारों ने उनसे चुनावी दावों पर स्पष्टीकरण माँगना शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई सवालों पर वे हिचकिचाए और जवाब टालते हुए दिखाई दिए।
राजनीति छोड़ने वाले बयान से मुकरते दिखे PK
चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि उनकी पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी और यदि ऐसा न हुआ तो वे राजनीति छोड़ देंगे। लेकिन इस मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा—
“मैं किसी ऐसे पद पर नहीं हूँ, जहाँ से मुझे इस्तीफा देना पड़े।”
उनका यह जवाब सुनकर पत्रकारों ने और भी तीखे सवाल दागे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
खुद को बताया ‘अभिमन्यु’
प्रशांत किशोर ने हार पर सफाई देते हुए खुद की तुलना महाभारत के योद्धा अभिमन्यु से की। उन्होंने कहा—
“मुझे भी अभिमन्यु की तरह सभी ने मिलकर घेरा। लेकिन अंत में जीत पांडवों की ही हुई थी। हम कहीं नहीं जा रहे… और ज्यादा मेहनत करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि गलती होना स्वाभाविक है, पर उन्होंने कोई “गुनाह” नहीं किया।
विरोधियों पर साधा निशाना
PK ने हार का ठीकरा विरोधी दलों की रणनीति और बिहार की जातीय राजनीति पर फोड़ा। उनका कहना था कि जनसुराज ने धर्म और जाति जैसी राजनीति में कभी भरोसा नहीं किया। वोट न मिलना जनता का फैसला है, और वे इसे स्वीकार करते हैं।
आगे की लड़ाई जारी
PK ने यह संकेत साफ कर दिया कि वे चुनावी हार के बावजूद बिहार की राजनीति नहीं छोड़ने वाले। उनका कहना है कि—
“हमारे लिए यह शुरुआत है, हार से सीखकर और मजबूत होकर लौटेंगे।”

