चतरा: चतरा पुलिस ने शनिवार की शाम एक बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से वांटेड चल रहे कुख्यात गैंगस्टर उत्तम यादव को एनकाउंटर में मार गिराया गया। यह कार्रवाई चतरा जिले के सिमरिया इलाके में हुई, जिसमें चतरा और हजारीबाग जिले की पुलिस संयुक्त रूप से शामिल थी।
उत्तम यादव का नाम हाल ही में हजारीबाग में हुई गोलीबारी और धमकी भरे वीडियो के कारण सुर्खियों में आया था। 22 जून को हजारीबाग शहर के बाड़म बाजार चौक स्थित श्री ज्वेलर्स की दुकान पर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी भी उसी ने ली थी।
इसके बाद 23 जून को उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर न केवल घटना की जिम्मेदारी ली थी, बल्कि खुलेआम लेवी (रंगदारी) न देने वालों को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी।
पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। शनिवार को जैसे ही पुलिस को उसके मौजूद होने की पुख्ता जानकारी मिली, उसे घेरने की कोशिश की गई। इस दौरान उत्तम यादव ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलीबारी की, जिसमें वह मौके पर ढेर हो गया।

कुख्यात गैंगस्टर उत्तम यादव – अपराधों का संक्षिप्त इतिहास
श्री ज्वेलर्स गोलीकांड (22 जून, हजारीबाग):
उत्तम यादव ने हजारीबाग शहर के बाड़म बाजार चौक स्थित श्री ज्वेलर्स की दुकान में गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था। यह घटना रंगदारी और धमकियों के सिलसिले में हुई थी।
धमकी भरे वीडियो (23 जून):
इस गोलीकांड के तुरंत बाद उसने अपने हाथों में कार्बाइन लेकर वीडियो जारी किया। वीडियो में उसने धमकी दी कि जो लोग लेवी (रंगदारी) नहीं देंगे, उन्हें और भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
रंगदारी वसूली और डकैती:
उत्तम यादव लंबे समय से चतरा और हजारीबाग जिलों में दुकानदारों और स्थानीय लोगों से रंगदारी वसूलने, धमकियों और डराने-धमकाने के मामलों में संलिप्त था।
गोलियों और फायरिंग की घटनाएं:
उसने स्थानीय इलाके में कई बार फायरिंग और गोलीबारी की, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।
हथियारों का अवैध कारोबार:
पुलिस के अनुसार उसके पास भारी मात्रा में अवैध हथियार और कार्बाइन थी, जिसे वह अपने अपराधों और धमकियों के लिए इस्तेमाल करता था।
पुलिस की लंबे समय से तलाश:
उत्तम यादव कई महीनों तक पुलिस के लिए वांटेड अपराधी रहा। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई छापेमारी की, लेकिन वह हर बार बच निकलता रहा।
अन्य अपराध और आपराधिक रिकॉर्ड:
इलाके में दहशत फैलाने के लिए बार-बार गोलीबारी और हिंसक वारदातों को अंजाम देना
छोटे अपराधियों और स्थानीय अपराधियों को अपने इशारे पर काम करवाना
लोगों को धमकाकर जमीन, दुकान या व्यवसाय पर कब्जा करना

