नई दिल्ली: एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाल लिया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
सीपी राधाकृष्णन की जीत के आंकड़े
9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन ने इंडिया अलायंस के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को करारी शिकस्त दी। राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट ही मिल पाए।
राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने बताया कि 781 सांसदों में से 767 सांसदों ने मतदान किया। इनमें 752 वोट वैध और 15 अवैध थे। जीत के लिए 377 वोट जरूरी थे, जो एनडीए को आराम से मिल गए। यहां तक कि वाईएसआरसीपी के 11 सांसदों का भी समर्थन राधाकृष्णन को मिला।
क्यों खाली हुआ था उपराष्ट्रपति का पद?
21 जुलाई को तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यह पद खाली हुआ और चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।

