रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और आदिवासी समाज के प्रतिष्ठित नेता शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की खबर से पूरे झारखंड सहित देशभर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। झारखंड सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है और विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
देशभर से नेता और जनप्रतिनिधि उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “शिबू सोरेन जी का जीवन आदिवासी समाज और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।”
मल्लिकार्जुन खरगे का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, “शिबू सोरेन जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने झारखंड राज्य की स्थापना और जल, जंगल, जमीन के अधिकार के लिए लंबा संघर्ष किया।”
रघुवर दास की संवेदना
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा, “दिशोम गुरु मेरे लिए पिता तुल्य थे। उनके सानिध्य में काम करने का सौभाग्य मिला। यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।”
बाबूलाल मरांडी की श्रद्धांजलि
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “यह झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति मिले।”
मायावती ने जताया शोक
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा, “आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता और जेएमएम के संस्थापक शिबू सोरेन जी का निधन बेहद दुखद है। ईश्वर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति दें।”

