हजारीबाग (झारखंड)।
हजारीबाग जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। चौपारण थाना क्षेत्र के ग्राम सिकिदा में लगभग 70 एकड़ भूमि में उगाई गई अवैध अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस इलाके के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों का लंबे समय से अवैध रूप से अफीम की खेती के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इस अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके।
अफीम की फसल काटकर की गई नष्ट
अभियान के दौरान अधिकारियों और जवानों ने खेतों में खड़ी अफीम की फसलों को काटकर नष्ट किया।
इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ वन विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे।
सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी।
नशे के नेटवर्क पर वार
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध नशे के कारोबार की जड़ पर वार करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने के उद्देश्य से की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में कहीं भी अवैध अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसे किस नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।
संबंधित लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अवैध खेती से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में ऐसे इलाकों में लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान जारी रहेगा।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नशे और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों ने प्रशासन की इस सख्त पहल का स्वागत किया है।

