झारखंड सरकार ने होली से पहले मंईयां सम्मान योजना के तहत लाभुकों को राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस योजना के तहत 8 मार्च के बाद जनवरी और फरवरी महीने की राशि लाभुकों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद मार्च महीने की राशि भी प्रदान की जाएगी।

योजना को लागू करने की तैयारी जोरों पर
राज्य विधानसभा में योजना की घोषणा के बाद महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जिन लाभुकों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, उनके लिए राशन कार्ड सत्यापन के आधार पर राशि ट्रांसफर की जा सकती है। योजना के तहत लाभुकों को एक साथ दो महीने की राशि मिलेगी।
राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया
सरकारी निर्देश के अनुसार, जनवरी और फरवरी की राशि 8 मार्च के बाद ट्रांसफर की जाएगी ताकि सभी लाभुकों को होली से पहले लाभ मिल सके। इसके बाद मार्च महीने की राशि भी जल्द जारी की जाएगी।

सत्यापन की अनिवार्यता
दिसंबर 2024 में सरकार ने योजना के तहत सभी जिलों को लाभुकों का सत्यापन करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत लाभ प्राप्त करने के लिए लाभुक का झारखंड का निवासी होना, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा आधार से लिंक बैंक खाता अनिवार्य किया गया था।
हालांकि, सरकार ने दिसंबर तक लाभुकों को आधार लिंक किए बिना भी राशि देने की अनुमति दी थी, लेकिन जनवरी से यह अनिवार्य शर्त बन गई। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में लाभुकों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हुए हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने राशन कार्ड के आधार पर राशि ट्रांसफर करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
लाभुकों की संख्या में कमी संभव
दिसंबर 2024 में 56.61 लाख लाभुकों को योजना का लाभ दिया गया था। हालांकि, इस बार लाभुकों की संख्या में कमी आ सकती है क्योंकि सत्यापन के दौरान कई फर्जी लाभुकों की पहचान की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पलामू प्रमंडल में लगभग दो लाख फर्जी लाभुक मिले हैं, और पूरे राज्य में ऐसे पांच लाख से अधिक फर्जी लाभुकों की संभावना जताई जा रही है।
सरकार जल्द ही अंतिम निर्णय लेकर योग्य लाभुकों को समय पर राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

