Jamshedpur | Jharkhand: जमशेदपुर पुलिस ने रंगदारी वसूली के लिए फायरिंग करने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कारोबारी हरेराम सिंह के घर पर फायरिंग करने के आरोप में प्रिंस खान–सुजीत सिन्हा गैंग से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान राजेश और कुंडू के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने कदमा के शास्त्री नगर क्षेत्र से देर रात छापेमारी कर पकड़ा। उनके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, इस गैंग का संचालन सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान जेल के अंदर से कर रहे हैं। वे अपने गुर्गों के माध्यम से रंगदारी, हत्या और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर ली है और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
इससे पहले, इसी गिरोह से जुड़े आकाश सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह का खुलासा तब हुआ जब आरोपी दशरथ शुक्ला की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ के दौरान दशरथ ने बताया कि हरेराम सिंह के घर पर फायरिंग की साजिश प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा ने जेल में बैठकर रची थी, ताकि रंगदारी वसूली जा सके।
सूत्रों के अनुसार, दशरथ शुक्ला ने अपने बयान में स्वीकार किया कि वह और उसके साथी रांची और जमशेदपुर में सुजीत सिन्हा, प्रिंस खान और रिया सिन्हा के लिए काम करते थे। वर्ष 2019 में घाघीडीह जेल में दशरथ की मुलाकात सुजीत सिन्हा से हुई थी, जिसके बाद वह इस गिरोह से जुड़ गया।
2 अक्टूबर 2025 को दशरथ और आकाश सिंह रांची पहुंचे, जहाँ कांके के चौटनी चौक पर उनकी मुलाकात गिरोह के सदस्यों बबलू खान, मोहम्मद सिराज उर्फ मदन और मोहम्मद शाहिद से हुई। वहां से उन्होंने छह पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस लिए। इनमें से तीन पिस्टल और 25 कारतूस पुलिस ने बाद में राजेश और काशीडीह निवासी कोदू उर्फ कोदू पाजी के पास से बरामद किए।
पुलिस ने दोनों शूटरों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज किया है।

