रांची: झारखंड के कई जिलों में आतंकी गतिविधियों का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के वर्षों में रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, पाकुड़, गोड्डा, धनबाद और गिरिडीह से कई युवकों की गिरफ्तारी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये इलाके अब आतंकी संगठनों की नई साजिशों का केंद्र बनते जा रहे हैं।
कौन-कौन से आतंकी संगठन सक्रिय?
सूत्रों के मुताबिक, इंडियन मुजाहिद्दीन, स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI), लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS), इस्लामिक स्टेट (ISIS), पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (JMB) और हिज्ब उत-तहरीर जैसे आतंकी संगठन झारखंड में अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं।
जमशेदपुर का सैयद मोहम्मद अर्शियान: आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड
जमशेदपुर के मानगो का रहने वाला सैयद मोहम्मद अर्शियान उर्फ हैदर को आतंकी साजिशों का मास्टरमाइंड माना जाता है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। आरोप है कि वह ISIS के लिए आत्मघाती ड्रोन और छोटी दूरी की मिसाइलें डिजाइन कर रहा था। उसका भाई सैयद मोहम्मद जीशान अली हैदर भी 2017 में सऊदी अरब से प्रत्यर्पित होकर भारत लाया गया था।
रांची का अशहर दानिश और गजवा-ए-हिंद की साजिश
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रांची के अशहर दानिश को गजवा-ए-हिंद की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसका उद्देश्य भारत में खिलाफत-स्टाइल का नेटवर्क तैयार करना था।
धनबाद में हिज्ब उत-तहरीर के आतंकी पकड़े गए
26 अप्रैल 2025 को धनबाद के वासेपुर से चार संदिग्ध आतंकियों—गुलफाम हसन, आयान जावेद, शबनम परवीन और मोहम्मद शहजाद आलम—को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अम्मार यासर को भी पकड़ा गया, जो पहले इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़ा हुआ था।
रांची का डॉ. इश्तियाक अहमद और AQIS नेटवर्क
रांची के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. इश्तियाक अहमद को अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के झारखंड मॉड्यूल का सरगना बताया गया। वह भारत में खिलाफत की स्थापना की साजिश में शामिल था।
फिदायीन हमले की योजना में ISIS आतंकी
गोड्डा और हजारीबाग से पकड़े गए आरिज हसनैन और नसीम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों के संपर्क में थे। वे फिलीस्तीन जाकर आत्मघाती हमले की साजिश रच रहे थे।
हजारीबाग का शाहनवाज और NIA की कार्रवाई
हजारीबाग का शाहनवाज उर्फ शफी उज्जमा, जो ISIS से जुड़ा था, उस पर NIA ने मोस्ट वांटेड का इनाम घोषित किया था। बाद में उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

