Jharkhand Municipal Election 2026: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर BJP ने रणनीति तेज कर दी है। प्रमंडलवार पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट 29 जनवरी को आएगी, जबकि 31 जनवरी तक समर्थित उम्मीदवारों की सूची तय होने की संभावना है।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य में 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना प्रस्तावित होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। चुनाव भले ही गैर-दलीय आधार पर हो रहे हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने शहरी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
पार्टी मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर अपने समर्थित उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है, ताकि नगर निकायों में प्रभावी भूमिका निभाई जा सके।
प्रमंडलवार पर्यवेक्षकों को सौंपी गई जिम्मेदारी
चुनाव में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए भाजपा नेतृत्व ने प्रमंडलवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इन पर्यवेक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में ‘जिताऊ और टिकाऊ’ उम्मीदवारों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, चयन प्रक्रिया में स्थानीय समीकरणों, संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता दी जा रही है। सभी पर्यवेक्षक 29 जनवरी को अपनी रिपोर्ट और संभावित उम्मीदवारों की सूची प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे।
दो समितियों की मुहर के बाद तय होंगे नाम
पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश नेतृत्व सक्रिय होगा। बताया जा रहा है कि प्रदेश कोर कमेटी और चुनाव समिति की बैठक में सभी नामों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक के बाद प्रत्येक सीट के लिए एक-एक समर्थित उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाई जाएगी। पार्टी का लक्ष्य है कि 31 जनवरी तक अंतिम सूची को आधिकारिक या आंतरिक रूप से जारी कर दिया जाए, ताकि प्रत्याशी समय रहते नामांकन दाखिल कर सकें।
गौरतलब है कि नामांकन की अंतिम तिथि 4 फरवरी निर्धारित की गई है।
BJP की चुनावी रणनीति
चुनाव गैर-दलीय होने के बावजूद भाजपा ने स्पष्ट रणनीति अपनाई है। पार्टी प्रत्येक पद पर केवल एक समर्थित उम्मीदवार उतारने की योजना पर काम कर रही है, ताकि मतों का विभाजन न हो।
पार्टी नेताओं का मानना है कि संगठित रणनीति के जरिए न सिर्फ जीत की संभावना बढ़ेगी, बल्कि नगर निकायों में विकास कार्यों को भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

