झारखंड शराब घोटाला — ACB की FIR को ED ने किया टेकओवर, दर्ज हुआ ECIR 10/2025 |

झारखंड शराब घोटाला — ACB की FIR को ED ने किया टेकओवर, दर्ज हुआ ECIR 10/2025 |

झारखंड शराब घोटाला अपडेट: ED ने ACB की FIR 9/2025 को टेकओवर कर ECIR 10/2025 दर्ज किया। PMLA कोर्ट से आरोपियों से पूछताछ की अनुमति। IAS अधिकारियों पर जांच की आंच तेज।

Ranchi | Breaking News

झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में अब एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की एंट्री हो गई है। एसीबी द्वारा दर्ज की गई FIR को टेकओवर करते हुए ED ने अपनी स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी ने ACB की केस संख्या 9/2025 को übernommen और इस मामले में ECIR केस नंबर 10/2025 रजिस्टर किया है।


जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की मंजूरी

ECIR दर्ज होने के बाद ED ने PMLA की विशेष अदालत, रांची में आवेदन देकर एसीबी द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी। अदालत ने ED को जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ और बयान रिकॉर्ड करने की अनुमति दे दी है।

  • फाइलिंग नंबर: 11431/2025
  • रजिस्ट्रेशन नंबर: 10/2025

इस मंजूरी के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में नई गिरफ्तारी और खुलासे संभव हैं।


ACB ने पहले दर्ज की थी FIR, कई अधिकारी नामजद

शराब घोटाले में सबसे पहले मई 2025 में ACB (Anti-Corruption Bureau) ने FIR दर्ज की थी। FIR में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों का नाम शामिल था।

नामजद प्रमुख आरोपी

  • IAS अधिकारी विनय चौबे
  • उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह
  • विनय सिंह
  • और कुल 10 आरोपी

FIR के बाद ACB ने कार्रवाई करते हुए विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। इस केस में अब तक एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कुछ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।


ACB के बाद अब ED की जांच ने बढ़ाई हलचल

ACB अपनी जांच जारी रखे हुए है, लेकिन ED की एंट्री के बाद यह पूरा मामला और ज्यादा गंभीर और हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ED अब इस केस को मनी ट्रेल, हवाला चैन और संपत्ति जांच के एंगल से आगे बढ़ाएगी।


यह मामला क्यों महत्वपूर्ण?

  • इसमें सरकारी अधिकारी, ठेकेदार और शराब आपूर्ति नेटवर्क के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
  • करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन की आशंका है।
  • अब मनी लॉन्ड्रिंग जांच होने से केस बड़ा और संवेदनशील हो गया है।

आगे क्या?

  • ED की पूछताछ शुरू होने के बाद नए नाम सामने आ सकते हैं
  • संपत्ति जब्ती, रेड और सीलिंग की कार्रवाई संभव
  • राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की संभावना तेज

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