पलामू के बेलवाटिका चौक में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद शराब दुकान हटा दी गई। महिलाओं और सामाजिक संगठनों के लंबे संघर्ष के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की, जिससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
पलामू के बेलवाटिका चौक में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद शराब दुकान हटा दी गई। महिलाओं और सामाजिक संगठनों के लंबे संघर्ष के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की, जिससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मेदिनीनगर (पलामू): बेलवाटिका चौक स्थित शराब दुकान को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद आखिरकार हटा दिया गया। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बाद प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में खुशी का माहौल देखने को मिला। लोगों ने मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, प्रशासन व मीडिया का आभार जताया।
महिलाएं और सामाजिक संगठन थे विरोध में अग्रणी
शराब दुकान खुलने के बाद से ही महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। उनका आरोप था कि चौक के बीच शराब दुकान होने से इलाके का माहौल खराब हो रहा था और असामाजिक तत्वों की भीड़ बढ़ रही थी।
लाइसेंस नियमों के उल्लंघन का आरोप
मोहल्लेवासियों का कहना था कि दुकानदार ने शराब दुकान का लाइसेंस स्टेशन रोड के लिए लिया था, लेकिन नियमों की अनदेखी कर चौक पर ही दुकान खोल दी। इसको लेकर लोगों ने उत्पाद अधीक्षक, डीडीसी, डीसी और वित्त मंत्री तक से शिकायत की थी। आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई और दुकान को चौक से हटा दिया गया।
प्रमुख लोगों की सहभागिता
इस विरोध अभियान की अगुवाई वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा ने की। उनके साथ मंजू चंद्रा, रागिनी वर्मा, कौसर परवीन, सुषमा अग्रवाल, बबलू चावला, गुंजन अग्रवाल, प्रदीप सिंह, लड्डू खान और कई अन्य लोग भी जुड़े रहे।

