रामगढ़: कुड़मी/कुड़मीय/महतो समुदाय को एसटी (अनुसूचित जनजाति) दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में आदिवासी समाज ने रामगढ़ में बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है।
बरकाकाना स्थित सीसीएल मैदान, नया नगर में आदिवासी सेवा समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता गोविंद बेदिया ने और संचालन पंचदेव करमाली ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 सितंबर को रामगढ़ में बाइक रैली और 24 सितंबर को जिला स्तरीय विरोध मार्च निकाला जाएगा।
50,000 से ज्यादा लोग होंगे शामिल
बैठक में तय हुआ कि 24 सितंबर को जिले के सभी प्रखंडों और गांवों से आदिवासी समाज के लोग सिद्धू-कान्हु मैदान में एकत्रित होंगे। वहां से रामगढ़ उपायुक्त कार्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे गोविंद बेदिया ने कहा,
“इस दिन 50,000 से अधिक आदिवासी समाज के लोग एकजुट होकर कुड़मी आंदोलन का विरोध करेंगे।”
राजनीतिक और सामाजिक बहिष्कार का फैसला
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले लोकसभा, विधानसभा, नगर परिषद और पंचायत चुनावों में आदिवासी समाज कुर्मी, कुड़मी और महतो समुदाय के किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देगा। साथ ही, किसी भी त्योहार या सामाजिक कार्यक्रम में इन्हें मुख्य अथिति या अतिथि नहीं बनाया जाएगा।
कुड़मी समाज आदिवासियों के अधिकारों पर कब्जा करना चाहता: पंचदेव करमाली
आदिवासी छात्र संघ के नेता पंचदेव करमाली ने कहा कि कुड़मी समाज आदिवासी समाज से पूरी तरह अलग है। वे एसटी दर्जा पाकर आदिवासियों की जमीन, आरक्षण, नौकरियों और राजनीतिक अधिकारों पर कब्जा करना चाहते हैं। आदिवासी समाज इसका हर स्तर पर विरोध करेगा।
बैठक में शामिल प्रमुख लोग
बैठक में गोविंद बेदिया, पंचदेव करमाली, रमण बेदिया, गंगाधर बेदिया, सुरेंद्र बेदिया, तुफान उरांव, श्याम करमाली, राजू बेदिया, दिलीप उरांव, संतोष बेदिया, रामेश्वर बेदिया, सुनील मुंडा, गीता देवी, बिनोद उरांव, किशुन मुंडा, जीतेंद्र मुंडा, विवेक उरांव, जतरु उरांव, संजय करमाली, संतोष करमाली समेत कई लोग मौजूद रहे।

