रांची में सरस्वती पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। 1000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती, अश्लील गानों पर प्रतिबंध और विसर्जन तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
राजधानी रांची में सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जिलेभर में 1000 अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है, जो पूजा से लेकर मूर्ति विसर्जन तक प्रभावी रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था में महिला पुलिस बल को भी शामिल किया गया है।
छेड़खानी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए शक्ति कमांडो को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरस्वती पूजा को लेकर एसएसपी राकेश रंजन ने सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एसएसपी ने आदेश दिया है कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुबह से ही भ्रमणशील रहेंगे। संवेदनशील इलाकों में मोबाइल दस्तों द्वारा लगातार गश्त की जाएगी। इसके अलावा, सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात या विवाद की स्थिति में फुटेज का उपयोग किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अश्लील गानों पर पूर्ण प्रतिबंध
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि पूजा पंडालों या सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील या भड़काऊ गाने बजाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी पूजा समितियों को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है।
सुरक्षा बलों की तैनाती विसर्जन कार्य पूरा होने तक जारी रहेगी। सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन को लेकर सभी समितियों को निर्धारित समय सीमा दे दी गई है। तय समय के भीतर ही विसर्जन संपन्न कराना अनिवार्य होगा। विसर्जन के दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेगी।
कॉलेज और हॉस्टलों पर विशेष नजर
रांची में 1000 से अधिक स्थानों पर सरस्वती पूजा का आयोजन होता है, लेकिन रांची कॉलेज में सबसे अधिक भीड़ जुटती है। इसे देखते हुए रांची कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने छात्रों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, आम नागरिकों से भी शांति, सौहार्द और नियमों का पालन करने का अनुरोध किया गया है, ताकि सरस्वती पूजा का पर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

