Patna News | Sonepur Mela 2025:
बिहार के सारण जिले के सोनपुर में आज से देशभर में प्रसिद्ध सोनपुर मेला का भव्य शुभारंभ हो रहा है।
गंगा और गंडकी के पवित्र संगम तट पर लगने वाला यह मेला न केवल बिहार की संस्कृति और अध्यात्म का प्रतीक है, बल्कि भारत की सबसे प्राचीन परंपराओं में से एक का जीवंत उदाहरण भी है।
इस वर्ष मेले का उद्घाटन सारण प्रमंडल के आयुक्त द्वारा किया जाएगा।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उद्घाटन राज्यपाल या मुख्यमंत्री के हाथों होता, तो मेले की गरिमा और प्रतिष्ठा और बढ़ जाती।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार चुनावी व्यस्तताओं के कारण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम
सोनपुर मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार भी सुरक्षा, ट्रैफिक और जनसुविधाओं की व्यापक तैयारी की है।
मेला परिसर में अस्थायी थाना, पुलिस पिकेट, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरे, महिला सहायता केंद्र, सूचना केंद्र और पार्किंग क्षेत्र बनाए गए हैं।
इसके अलावा, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सेवा दल भी तैनात रहेंगे।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
सदियों पुराना सोनपुर मेला पहले दुनिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता था।
हालांकि अब यह आध्यात्मिक पर्यटन, व्यापार और लोक-संस्कृति का केंद्र बन गया है।
यहां स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर और गजेंद्र मोक्ष की कथा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं।
इसी कारण इसे लोग “मिनी महाकुंभ” भी कहते हैं।
लोक परंपरा और आस्था की झलक
हर साल की तरह इस बार भी सोनपुर मेला अपनी रौनक, आस्था और परंपरा के रंग में रंगा है।
देश-विदेश से आए श्रद्धालु, पर्यटक और व्यापारी यहां एक साथ जुट रहे हैं।
यह मेला लोक नृत्य, हस्तशिल्प, झूले, व्यापारिक प्रदर्शनी और धार्मिक आयोजनों के जरिए बिहार की सांस्कृतिक पहचान को फिर से जीवंत करता है।

