Ranchi/Delhi: रांची के पूर्व उपायुक्त (DC) आईएएस छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए कुछ शर्तों के साथ बेल मंजूर कर दी है।
इस फैसले के बाद छवि रंजन के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में थे।
सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, निचली अदालतों ने की थी याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने की। इससे पहले, PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने 6 अगस्त 2024 को उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज किया था कि जांच अभी जारी है। इसके बाद छवि रंजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से अब उन्हें राहत मिली है।
आर्मी लैंड स्कैम: किस मामले में मिली है बेल?
छवि रंजन जिस मामले में आरोपी हैं, वह रांची के बड़गाईं अंचल के बरियातु स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है।
ED की जांच के अनुसार, इस जमीन की फर्जी खरीद-बिक्री के मामले में कई प्रभावशाली लोग शामिल थे।
आरोपियों में छवि रंजन के अलावा—
- कारोबारी विष्णु अग्रवाल,
- राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद,
- फर्जी रैयत प्रदीप बागची,
- जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम, अमित अग्रवाल, और दिलीप घोष शामिल हैं।
ED की कार्रवाई के बाद चर्चा में आया था मामला
ईडी ने मई 2023 में इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की थी और जमीन से जुड़ी कई संदिग्ध फाइलें, नक्शे और दस्तावेज जब्त किए थे। छवि रंजन की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला झारखंड की नौकरशाही और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ था।

