रांची: विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस मामले की जांच को लेकर राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है, जिससे सच्चाई सामने आने में बाधा आ रही है।
अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी में मृत बच्ची की मां को ही आरोपी और सूचक बताया गया, जो एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक पहलू है।
उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि 26 तारीख को एसआईटी का गठन तो किया गया, लेकिन अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। साथ ही उन्होंने पूछा कि आरोपियों से पूछताछ कब और किस तरह की गई। उनका यह भी कहना है कि घटनास्थल को ठीक से सुरक्षित नहीं रखा गया और साक्ष्यों के संरक्षण में लापरवाही बरती गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंबा प्रसाद ने पुलिस की थ्योरी पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को जमीन विवाद से जोड़ रही है, जबकि संबंधित परिवार के पास जमीन ही नहीं है। उन्होंने धार्मिक पहलुओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि अष्टमी के शुभ मुहूर्त से पहले कथित घटना कैसे संभव हुई।
उन्होंने कई अहम बिंदुओं पर पुलिस से स्पष्ट जवाब मांगा, जैसे—आरोपियों से पूछताछ का समय, छापेमारी की प्रक्रिया, पीड़ित परिवार की स्थिति की जांच और पूरे मामले में अपनाई गई कार्यप्रणाली। उनका आरोप है कि इस मामले में फोरेंसिक जांच भी नहीं कराई गई, जिससे साक्ष्यों की अनदेखी हुई है।
अंबा प्रसाद ने मुख्य आरोपी भीम राम को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए उसके राजनीतिक संबंधों की भी चर्चा की और कहा कि इस कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
अंत में उन्होंने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उनका कहना है कि वर्तमान जांच के आधार पर अदालत में ठोस सबूत पेश करना मुश्किल होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और न्यायालय से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की अपील की।

