रांची सदर अस्पताल में 200 बेड का सुपर स्पेशियलिटी विंग बनेगा। कैंसर मरीजों के लिए डे-केयर यूनिट और रेडिएशन बंकर की योजना। जानिए झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे में क्या बड़े बदलाव होने वाले हैं।
रांची: राजधानी रांची के सदर अस्पताल को अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने अस्पताल में 200 बेड के नए विंग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है, जिससे मरीजों को बेहतर और उन्नत इलाज की सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए सुपर स्पेशियलिटी विंग के लिए भूमि चयन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार की जाए। इस पहल का उद्देश्य राज्य के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप विकसित करना है।
कैंसर मरीजों के लिए बड़ी पहल
राज्य में बढ़ते कैंसर मामलों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर जिले के सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए विशेष ‘डे-केयर यूनिट’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही रेडिएशन उपचार के लिए सुरक्षित बंकर भी बनाए जाएंगे।
इस कदम से मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों या राज्य के बाहर इलाज कराने की जरूरत कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
IPHS मानकों पर होगा विकास
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी सदर अस्पतालों को IPHS (Indian Public Health Standards) के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके तहत अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए तैयार DPR में संशोधन के निर्देश दिए गए हैं, जबकि धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के नवीनीकरण प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है।
नामकुम में बनेगा ट्रेनिंग सेंटर
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस, ट्रॉमा, इमरजेंसी और ICU सेवाओं में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी को गंभीरता से लेते हुए भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।

