बिहार में पुलिस कार्रवाई लगातार चर्चा में है। जहानाबाद में कुख्यात अपराधी बिक्कू सिंह उर्फ रावण पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ। 37 दिनों में राज्य में 11 एनकाउंटर की घटनाएं सामने आई हैं।
पटना/जहानाबाद: बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की सक्रियता लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी क्रम में जहानाबाद जिले में गुरुवार देर रात पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान अपराधी बिक्कू सिंह उर्फ रावण घायल हो गया। हाल के दिनों में राज्य में हुई पुलिस कार्रवाइयों के बाद कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो गई है।
हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार बिक्कू सिंह को एक हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसे कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के पास ले जाया गया। इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया।
पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि एक गोली पुलिस वाहन में लगने की बात कही जा रही है।
अपराध नियंत्रण पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा था कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी बात कही थी।
हाल के दिनों में बढ़ी पुलिस कार्रवाई
पिछले कुछ सप्ताहों में बिहार के विभिन्न जिलों में कई पुलिस मुठभेड़ों और अपराधियों की गिरफ्तारी की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा
लगातार हो रही पुलिस कार्रवाइयों के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में सख्त कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पारदर्शी जांच और कानूनी प्रक्रिया के पालन पर जोर दे रहे हैं।
फिलहाल जहानाबाद मुठभेड़ और हालिया पुलिस कार्रवाइयों को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है।

