रांची में सहायक अध्यापकों का अनशन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। लंबित मांगों पर जल्द समाधान के लिए सरकार ने बैठक का भरोसा दिया।
रांची: झारखंड में सहायक अध्यापकों का चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन आखिरकार खत्म हो गया। झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया।
बताया जा रहा है कि यह बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षकों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री के आश्वासन के बाद खत्म हुआ अनशन
बैठक के दौरान मंत्री ने शिक्षकों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उनके आश्वासन पर भरोसा जताते हुए आंदोलनरत शिक्षकों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। इस दौरान मंत्री ने स्वयं मिठाई खिलाकर अनशन तुड़वाया।
मंत्री ने जानकारी दी कि संबंधित विभाग के मंत्री फिलहाल राज्य से बाहर हैं। उनके लौटने के बाद सभी पक्षों के साथ संयुक्त बैठक कर इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चुका है।
क्या हैं शिक्षकों की मुख्य मांगें?
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- आकलन परीक्षा प्रमाण पत्र को TET के बराबर मान्यता देना
- आगामी सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर
- समान कार्य के लिए समान वेतनमान लागू करना
- संविदा शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वेतन निर्धारण
18 अप्रैल से जारी था आंदोलन
शिक्षकों ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर 18 अप्रैल से रांची के नागा बाबा खटाल में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन चल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य विभागों में संविदाकर्मियों को वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है, जबकि पारा शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है।
सरकार ने दिया भरोसा
मंत्री ने आंदोलनरत शिक्षकों से शांतिपूर्ण संवाद बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

