रांची अपडेट: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र (22 अगस्त) की कार्यवाही में आज दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद किया गया। इस दौरान सदन में उनकी मूर्ति को राज्य की सबसे ऊंची चोटी पारसनाथ पर्वत पर स्थापित करने की मांग उठी। इसके साथ ही शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की अपील भी की गई।
श्रद्धांजलि और भावनाएं
सत्र की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और अन्य विधायकों ने दिवंगत नेता शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि झारखंड की शान रहे शिबू सोरेन, बिनोद बिहारी महतो, शिवा महतो और निर्मल महतो जैसे वीर सपूतों की मूर्तियां पारसनाथ की चोटी पर लगाई जाएं।
भारत रत्न और पाठ्यक्रम में जीवनी शामिल करने की मांग
सदन में पौड़ेयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने भी शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा से इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए।
इसके अलावा उन्होंने आग्रह किया कि गुरुजी की संघर्ष गाथा और जीवनी को झारखंड के बच्चों तक पहुंचाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके योगदान से प्रेरणा ले सके। इसके लिए उनकी जीवनी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी सिफारिश की गई।
झारखंडी अस्मिता से जुड़ी मांग
सदन में उठी ये मांगें साफ तौर पर दर्शाती हैं कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनीतिक शख्सियत बल्कि झारखंड की अस्मिता और संघर्ष के प्रतीक माने जाते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य सरकार का क्या रुख होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

