रांची।
झारखंड में सामने आए बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी नवीन केडिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अदालत से मिली ट्रांजिट बेल का गलत इस्तेमाल कर खुद को कानून की पकड़ से बाहर रखने की कोशिश की।
ACB ने अपनाया सख्त रुख
झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के अनुसार, नवीन केडिया को पहले गोवा से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट बेल दी गई थी, ताकि तय समय के भीतर उसे संबंधित अदालत में पेश किया जा सके।
हालांकि आरोपी निर्धारित तिथि पर कोर्ट में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया।
ट्रांजिट बेल का दुरुपयोग कर हुआ फरार
जांच में सामने आया है कि जिन पुलिस अधिकारियों को आरोपी को अदालत में पेश कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने अपने कर्तव्य का ठीक से निर्वहन नहीं किया।
इसी लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपी ट्रांजिट बेल के दौरान फरार हो सका।
8 पुलिसकर्मी निलंबित
ACB की अनुशंसा पर इस मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में इंस्पेक्टर विजय केरकेट्टा, सब-इंस्पेक्टर शशिकांत, राहुल कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
सभी पर आरोपी की निगरानी में गंभीर चूक के आरोप हैं।
बताया जा रहा है कि अदालत ने आरोपी को पेश करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे, इसके बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
ACB अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस लापरवाही के पीछे कोई साजिश या मिलीभगत तो नहीं है।
सख्त कानूनी कार्रवाई के संकेत
ACB अधिकारियों ने साफ कहा है कि शराब घोटाले से जुड़े इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
गौरतलब है कि झारखंड की शराब नीति और उससे जुड़े कथित घोटालों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में यह मामला राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

