लातेहार में बंधक भूमि घोटाला: 1931 की जमीन की फर्जी बिक्री पर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से लगाई गुहार |

लातेहार में बंधक भूमि घोटाला: 1931 की जमीन की फर्जी बिक्री पर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से लगाई गुहार |

Jharkhand News: लातेहार जिले में 1931 की बंधक भूमि की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। पीड़ित देवेंद्र यादव ने फर्जी केवाला और धोखाधड़ी को लेकर प्रशासन व पुलिस से न्याय की मांग की है।

लातेहार में सामने आया दशकों पुरानी जमीन की फर्जी बिक्री का मामला

झारखंड के लातेहार जिले में बंधक भूमि की अवैध बिक्री और फर्जी रजिस्ट्री का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम मनसिंघा निवासी देवेंद्र यादव ने इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की है।

पीड़ित के अनुसार, हल्का नंबर 11, मौजा मनसिंघा स्थित खाता संख्या 26 के प्लॉट नंबर 213, 214 और 217 को वर्ष 1938–39 में ₹300 चांदी के सिक्कों के बदले बंधक रखा गया था। यह बंधक उनके दादा स्वर्गीय पुवाली महतो द्वारा किया गया था।


आज तक नहीं लौटी बंधक राशि, नहीं हुई रजिस्ट्री

देवेंद्र यादव का कहना है कि आज तक न तो बंधक की राशि लौटाई गई और न ही जमीन की रजिस्ट्री की गई। इसके बावजूद पीड़ित परिवार वर्षों से इस भूमि पर शांतिपूर्ण और निरंतर रूप से दखल-कब्जा बनाए हुए है।

परिवार का आरोप है कि जमीन पर उनका वैधानिक अधिकार होते हुए भी कुछ लोगों ने साजिश के तहत इस भूमि को अवैध रूप से बेच दिया।


7 जनवरी 2026 को हुआ फर्जी केवाला

शिकायत में बताया गया है कि 7 जनवरी 2026 को स्वर्गीय पुवाली महतो के वंशजों ने फर्जी तरीके से उक्त बंधक भूमि का केवाला सुमन देवी, पति अक्षय यादव के नाम कर दिया।

पीड़ित का कहना है कि विक्रेताओं को जमीन बेचने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था, फिर भी धोखाधड़ी और षड्यंत्र के तहत यह सौदा किया गया।


IPC की कई धाराओं में गंभीर अपराध का आरोप

देवेंद्र यादव ने अपनी शिकायत में इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120B के तहत गंभीर अपराध बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह मामला धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ है।

पीड़ित का कहना है कि अब तक स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।


प्रशासन और पुलिस से की ये मांगें

पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • फर्जी केवाला को तत्काल रद्द किया जाए
  • जमीन पर यथास्थिति (Status Quo) लागू की जाए
  • मामले में तुरंत FIR दर्ज हो
  • दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
  • निष्पक्ष जांच वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए
  • परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए

न्याय की आस में प्रशासन के दरवाजे पर पीड़ित

देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पहले अनुमंडल पदाधिकारी और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों और न्यायालय का रुख करेंगे।

यह मामला अब लातेहार जिले में चर्चा का विषय बन गया है और लोग प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।

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