Jharkhand के लातेहार जिले के महुआडांड़ में ब्रेक फेल होने से बस पलटी, 9 लोगों की मौत और 80 से ज्यादा घायल. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
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झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सस्ता ओरसा घाटी में ब्रेक फेल होने से एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
घाटी में फेल हुआ ब्रेक, नहीं संभली बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही सस्ता ओरसा घाटी से गुजर रही थी, अचानक उसके ब्रेक जवाब दे गए। ढलान पर चालक बस को नियंत्रित नहीं कर सका और बस सड़क किनारे पलट गई।
इस दौरान कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और कुछ लोग बस के नीचे दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
मौके पर 5 की मौत, इलाज के दौरान 4 ने तोड़ा दम
हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार गंभीर रूप से घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
शादी से पहले की रस्म में शामिल होने जा रहे थे यात्री
बस में सवार सभी यात्री छत्तीसगढ़ के महाराजगंज गांव से झारखंड के लोध गांव जा रहे थे। वहां एक परिवार में “छेका” (शादी से पहले की रस्म) कार्यक्रम आयोजित था।
बस में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवक बड़ी संख्या में सवार थे, लेकिन यह यात्रा उत्सव से पहले ही मातम में बदल गई।
क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री थे सवार
जानकारी के अनुसार यह बस एक स्कूल बस थी, जिसकी बैठने की क्षमता 52 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 90 से अधिक लोग सवार थे।
ओवरलोडिंग के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और ब्रेक फेल होने पर हादसा और भी भयावह हो गया। बस का पंजीकरण छत्तीसगढ़ का बताया जा रहा है।
कई जिलों के अस्पतालों में भर्ती घायल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की मदद से घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और अन्य अस्पतालों में भेजा गया।
प्राथमिक उपचार के बाद 50 से अधिक घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची, गुमला और लातेहार रेफर किया गया है। कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया गया है और चालक की भूमिका समेत पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि बस छत्तीसगढ़ और झारखंड के चार थाना क्षेत्रों से होकर लगभग 40 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी, लेकिन कहीं भी इसकी जांच नहीं हुई।
अब सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे रास्ते में परिवहन और पुलिस की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां थी।
नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह
कानून के अनुसार स्कूल बसों का उपयोग केवल छात्रों के परिवहन के लिए किया जा सकता है, लेकिन इस बस का इस्तेमाल निजी कार्यक्रम में लोगों को ढोने के लिए किया गया।
इसके अलावा, ओवरलोडिंग और बिना वैध परमिट के परिचालन ने हादसे को और गंभीर बना दिया।
जांच के बाद होगी जिम्मेदारों पर कार्रवाई
प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बस को निजी उपयोग में किसकी अनुमति से लगाया गया, ब्रेक फेल होने की स्थिति क्यों बनी और विभिन्न थाना क्षेत्रों में बस की जांच क्यों नहीं हुई।
माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद परिवहन विभाग और संबंधित थाना क्षेत्रों की भूमिका भी कटघरे में होगी।

