झारखंड में छात्रवृत्ति भुगतान में देरी के खिलाफ छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। AJSU छात्र इकाई के नेतृत्व में छात्रों ने ‘शिक्षा के लिए भिक्षा’ अभियान चलाया।
छात्रवृत्ति भुगतान में देरी पर छात्रों का विरोध तेज, कटोरा लेकर जताया रोष
Ranchi | झारखंड में लंबित छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे पर आज AJSU छात्र इकाई के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने बापू वाटिका, मोरहाबादी से राजभवन तक पैदल मार्च किया। इस दौरान छात्रों ने कटोरा लेकर “शिक्षा के लिए भिक्षा” मांगने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
छात्रों की मुख्य मांग — 1.5 से 2 साल से लंबित छात्रवृत्ति जारी हो
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बीते 18–24 महीनों से छात्रवृत्ति जारी नहीं हुई है, जिससे उन्हें फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्र नेताओं के अनुसार, पिछले कई महीनों से लगातार मांग और ज्ञापन देने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
“सरकार अनदेखी कर रही है” — AJSU नेताओं का आरोप
ओम वर्मा का बयान
AJSU प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं के प्रति उदासीन है। वर्मा ने कहा:
“सरकार सोई हुई है, इसलिए छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ा है। जब तक छात्रवृत्ति जारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।”
उन्होंने बताया कि झारखंड में हजारों छात्र आर्थिक रूप से छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, लेकिन भुगतान में देरी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
“शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोका गया” — बबलू महतो
AJSU के कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि जब छात्रों ने कल्याण विभाग का घेराव किया था, तब अधिकारियों ने बातचीत तक नहीं की। उनका कहना है:
“हम शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकार की मांग कर रहे थे, लेकिन छात्रों को जबरन हिरासत में लिया गया। यह सरकार की तानाशाही है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द छात्रवृत्ति जारी नहीं हुई, तो आंदोलन और व्यापक होगा।
“मंईयां योजना समय पर मिलती है तो छात्रवृत्ति क्यों नहीं?” — छात्रों का सवाल
प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि जहां अन्य योजनाओं का भुगतान नियमित रूप से होता है, वहीं छात्रवृत्ति महीनों से रुकी हुई है। कई छात्रों ने बताया कि उन्हें फीस भरने के लिए कर्ज तक लेना पड़ा है।
छात्रों का कहना है कि ऐसे हालात में गरीब और पिछड़े तबके के छात्र पढ़ाई जारी नहीं रख पाएंगे।
नारेबाजी और पैदल मार्च से बढ़ा दबाव
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कल्याण मंत्री चमड़ा लिंडा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ विरोध जताया। बापू वाटिका से राजभवन तक मार्च के दौरान छात्रों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
लगातार जारी यह आंदोलन अब राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है।

