Dhanbad News: धनबाद में प्रस्तावित नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर निगम ने कतरास के लिलोरी मंदिर के पास 18 एकड़ जमीन पर इस टर्मिनल के निर्माण की योजना बनाई है, लेकिन इसके खिलाफ अब बस मालिक संघ, राजनीतिक दलों और स्थानीय नागरिकों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
कतरास में बस टर्मिनल को लेकर क्यों मचा विरोध?
फिलहाल धनबाद का मुख्य बस स्टैंड बरटांड़ में स्थित है, जो रेलवे स्टेशन से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर है। जबकि नए बस टर्मिनल का प्रस्तावित स्थान कतरास, शहर से करीब 20–22 किलोमीटर दूर है।
स्थानीय लोगों और बस एसोसिएशन का कहना है कि इतनी दूरी पर टर्मिनल होने से यात्रियों को भारी परेशानी होगी, खासकर रात्रिकालीन यात्रा के दौरान।
बस मालिकों का तर्क है कि बरटांड़ में पहले से 22 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ नया टर्मिनल विकसित किया जा सकता है। इसके बावजूद कतरास में निर्माण का निर्णय जनता के हित में नहीं है।
बस मालिक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
धनबाद जिला बस ओनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने अपनी योजना पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन किया जाएगा।
एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि “धनबाद से बाहर जाने वाली लगभग 30–40 बसें इंटरस्टेट रूट पर चलती हैं, जबकि 100 से अधिक बसें स्थानीय सवारी लेकर चलती हैं। ऐसे में कतरास तक पहुंचने में यात्रियों को 20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, जो अव्यावहारिक है।”
JLKM ने भी जताया विरोध
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने भी इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठन के प्रवक्ता सुशील मंडल ने कहा कि किसी भी शहर में बस टर्मिनल सामान्य रूप से रेलवे स्टेशन से 2–3 किलोमीटर की दूरी पर होता है, लेकिन धनबाद में इसे 22 किलोमीटर दूर ले जाना यात्रियों के लिए असुविधाजनक और महंगा साबित होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि “धनबाद के सांसद और विधायक जनता के मुद्दों पर मौन हैं। एम्स और एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट पहले ही चले गए, अब बस टर्मिनल भी शहर से बाहर ले जाया जा रहा है।”
JLKM ने मांग की कि बस टर्मिनल को बरटांड़ में ही विकसित किया जाए।
सांसद ढुल्लू महतो का जवाब
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि बस टर्मिनल का निर्माण राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए।
उन्होंने कहा — “जिनके खून में गंदगी है, वही गंदी राजनीति करते हैं। बस टर्मिनल की स्थापना का निर्णय पूरी तरह राज्य सरकार का विषय है।”
धनबाद शहर में ही टर्मिनल रहने की उम्मीद
भाजपा विधायक राज सिन्हा ने भी जनता की भावना का समर्थन करते हुए कहा कि “बस टर्मिनल धनबाद शहर में ही रहेगा।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने डीसी आदित्य रंजन से बातचीत की है और बरटांड़ बस स्टैंड का निरीक्षण करवाने का आश्वासन मिला है।
निष्कर्ष
धनबाद में नए बस टर्मिनल को लेकर प्रशासनिक योजना पर स्थानीय संगठनों और जनता की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विरोध को देखते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

