झारखंड के दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड निवासी संजय पाल का चयन अमेरिका में आयोजित 13वीं इंटरनेशनल यूथ कॉन्फ्रेंस के लिए हुआ है। वे ऑनलाइन माध्यम से भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और वैश्विक मुद्दों पर अपनी भागीदारी निभाएंगे।
Dumka जिले के काठीकुंड प्रखंड के युवा संजय पाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन अमेरिका के लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाली “13वीं इंटरनेशनल यूथ कॉन्फ्रेंस (IYC 13)” के लिए किया गया है। इस सम्मेलन में वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 21 से 24 मई तक आयोजित होगा, जिसमें दुनिया भर के युवा प्रतिनिधि शांति, सुरक्षा, वैश्विक सहयोग और कूटनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
ऑनलाइन माध्यम से करेंगे सहभागिता
जानकारी के अनुसार सम्मेलन के लिए चयन प्रक्रिया के दौरान प्रतिभागियों से व्याख्यात्मक प्रश्न पूछे गए थे। संजय पाल ने चयन परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें डेलिगेट के रूप में चुना गया।
हालांकि वीजा संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण वे इस कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से शामिल होंगे।
इस वर्ष की थीम युवाओं और वैश्विक शांति पर केंद्रित
इस बार सम्मेलन की थीम “अभिनव कूटनीति: शांति और सुरक्षा को आगे बढ़ाते युवा” रखी गई है। कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के हजारों युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन के दौरान युवा नेतृत्व, वैश्विक चुनौतियां, नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
क्षेत्र के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की इस उपलब्धि को लेकर इलाके में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और युवाओं ने संजय पाल को बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया है।
लोगों का कहना है कि इस तरह की उपलब्धियां गांव और छोटे शहरों के युवाओं को आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती हैं।
“यूथ पावर, क्लीन इंडिया” अभियान शुरू करेंगे संजय
संजय पाल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मेलन से मिलने वाले अनुभवों को वे समाज के विकास में उपयोग करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के बाद वे “यूथ पावर, क्लीन इंडिया” अभियान शुरू करेंगे।
इस अभियान के जरिए ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वस्थ समाज निर्माण के प्रति जागरूक किया जाएगा। उनका मानना है कि युवाओं की भागीदारी से देश को अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

