रांची, 13 अक्टूबर: झारखंड की चर्चित घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार से नामांकन प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवार 21 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने जानकारी दी कि घाटशिला उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे।
झामुमो और बीजेपी में सीधी टक्कर की संभावना
राज्य की सत्ता पर काबिज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दोनों इस उपचुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं। दोनों ही दल इस सप्ताह अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकते हैं।
2024 के चुनाव में रामदास सोरेन ने बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को हराकर तीसरी बार घाटशिला सीट जीती थी। इससे पहले 2009 में उन्होंने पहली जीत दर्ज की थी, जबकि 2014 में वे बीजेपी के लक्ष्मण टुडू से हार गए थे। 2019 में उन्होंने फिर वापसी करते हुए सीट अपने नाम की थी।
बीजेपी का फोकस “विकास और जनसशक्तिकरण”
बीजेपी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी उपचुनाव में विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने झामुमो पर हमला बोलते हुए कहा,
“झामुमो बार-बार जनता को गुमराह करता रहा है। जातिवाद और भय का माहौल बनाकर वोट हासिल करने की कोशिश करता है, जबकि बीजेपी का फोकस विकास, समान अवसर और जनता के सशक्तिकरण पर है।”
चुनाव कार्यक्रम
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 2.55 लाख मतदाता हैं, जिनमें 1.30 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 218 स्थानों पर कुल 300 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद घाटशिला सीट रिक्त हो गई, जिससे अब उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है।

