Ranchi | Legal & Political Desk Report:
झारखंड में लंबे समय से नगर निगम और नगर निकाय चुनाव (Municipal Elections) नहीं होने के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
10 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने आयोग से कहा कि वह अगली सुनवाई तक चुनाव की निश्चित तारीख (Exact Schedule) अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर 2025 को होगी।
अदालत ने चुनाव आयोग से मांगी स्पष्ट समय-सारिणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य में निकाय चुनाव में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं है।
अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि वह बताए कि चुनाव की अधिसूचना कब तक जारी की जाएगी, ताकि नगर निकायों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल की जा सके।
सरकार ने सौंप दी ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट
राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट तैयार कर निर्वाचन आयोग को सौंप दी है।
हालांकि आयोग ने सरकार से कुछ अतिरिक्त जानकारी — जैसे सीटों का आरक्षण (Reservation Details) और जनसंख्या सूची (Population Data) — मांगी है, जो जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद आयोग चुनाव की अधिसूचना (Election Notification) जारी करेगा।
आयोग ने कहा – आरक्षण की अंतिम अनुशंसा अभी नहीं मिली
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने अदालत को बताया कि आयोग को अभी तक राज्य सरकार से सीटों के आरक्षण की अंतिम अनुशंसा (Final Recommendation) प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट मिलते ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, लेकिन तैयारी में लगभग तीन महीने का समय लगेगा।
याचिकाकर्ताओं ने जताई नाराज़गी
याचिकाकर्ता रौशनी खलखो और रीना कुमारी की ओर से अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि पिछले आदेश के बावजूद अब तक चुनाव नहीं कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2024 को ही निर्देश दिया था कि तीन सप्ताह के भीतर नगर निकाय चुनाव कराए जाएं, लेकिन सरकार और आयोग ने इस आदेश का पालन नहीं किया।
इसके चलते उन्होंने अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर की है।
झारखंड में निकाय चुनाव की स्थिति
झारखंड में जून 2020 से अब तक 12 शहरी निकायों में चुनाव नहीं हो पाए हैं।
कई नगर निगम वर्तमान में बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों (Without Elected Bodies) के ही कार्य कर रहे हैं।
आखिरी बार झारखंड में 27 अप्रैल 2023 को नगर निकाय चुनाव हुए थे।
इस देरी के कारण कई स्थानीय प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से वंचित है।
निष्कर्ष
झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट संकेत दिया है कि निकाय चुनाव में अब और टालमटोल नहीं चलेगा।
अदालत ने निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की है कि 24 नवंबर की अगली सुनवाई तक चुनाव की निश्चित तिथि घोषित की जाए।
अब राज्य भर की निगाहें आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

