पलामू में नवजात को 50 हजार में बेचने के मामले पर NHRC का संज्ञान, जिला प्रशासन पर उठे सवाल |

पलामू में नवजात को 50 हजार में बेचने के मामले पर NHRC का संज्ञान, जिला प्रशासन पर उठे सवाल |

पलामू: झारखंड के पलामू जिले से सामने आए नवजात शिशु को 50 हजार रुपये में बेचने के मामले ने सबको चौंका दिया है। इस घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से संज्ञान लिया है।

जानकारी के अनुसार, चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन के सचिव बैद्यनाथ कुमार ने इस पूरे मामले की शिकायत NHRC से की थी। शिकायत में बताया गया कि नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड (लेस्लीगंज) के लोटवा गांव की रहने वाली पिंकी देवी ने आर्थिक तंगी और इलाज के अभाव में मजबूर होकर अपने मासूम बच्चे को 50 हजार रुपये में बेच दिया।

पिंकी देवी का कहना है कि उनके स्तन में गांठ (गिलटी) की समस्या है और इलाज के लिए पैसे नहीं थे। सरकारी सुविधाओं के अभाव और आर्थिक संकट ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

सरकारी सुविधाओं से वंचित परिवार
फाउंडेशन की शिकायत के मुताबिक, पिंकी देवी और उनके परिवार के पास आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी बुनियादी पहचान और सुविधा नहीं है। बीडीओ सुकेशनी केरकेट्टा ने केवल 20 किलो चावल उपलब्ध कराया, लेकिन उसके अलावा कोई ठोस मदद नहीं मिली।

परिवार इस समय मंदिर के शेड में रहने को मजबूर है। आजादी के इतने साल बाद भी अनुसूचित जाति के इस परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित रखा जाना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

मानवाधिकार हनन का मामला
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत यह घटना गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। अब NHRC ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *