रांची: राजधानी रांची रेलवे स्टेशन के यार्ड में बड़े स्तर पर रिमॉडलिंग और इंटरलॉकिंग का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। रेलवे ने जानकारी देते हुए बताया कि यह तकनीकी काम 10 दिसंबर 2025 से शुरू होकर जनवरी 2026 तक चलेगा।
इंटरलॉकिंग लागू होने के दौरान रांची से आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। कुल 17 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को आंशिक रूप से बंद रखा जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले अपने-अपने शेड्यूल की जांच करने की सलाह दी है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
पूरी तरह रद्द रहने वाली प्रमुख ट्रेनें
| ट्रेन का नाम | रद्द रहने की अवधि |
|---|---|
| हटिया–टाटानगर–हटिया एक्सप्रेस | 10 दिसंबर से 7 जनवरी |
| हटिया–सांकी–हटिया पैसेंजर | 10 दिसंबर से 7 जनवरी |
| रांची–बोकारो स्टील सिटी–रांची पैसेंजर | 10 दिसंबर से 7 जनवरी |
| हटिया–सांकी–हटिया मेमू पैसेंजर | 10 दिसंबर से 7 जनवरी |
| खड़गपुर–रांची–खड़गपुर एक्सप्रेस | 23 दिसंबर से 7 जनवरी |
| टाटानगर–हटिया–टाटानगर मेमू | 23 दिसंबर से 7 जनवरी |
| धनबाद–रांची–धनबाद एक्सप्रेस | 23 दिसंबर से 7 जनवरी |
| रांची–भागलपुर–रांची एक्सप्रेस | 6 और 7 जनवरी |
| दुमका–रांची–दुमका एक्सप्रेस | 23 दिसंबर से 7 जनवरी |
| रांची–चोपन | 24, 26, 28, 31 दिसंबर और 2, 4, 7 जनवरी |
| चोपन–रांची | 25, 27, 29 दिसंबर और 1, 3, 5, 8 जनवरी |
आंशिक रूप से रद्द रहने वाली ट्रेनें
| ट्रेन का नाम | प्रभावित रूट/तारीख |
|---|---|
| वर्द्धमान–हटिया–वर्द्धमान एक्सप्रेस | बोकारो–हटिया–बोकारो के बीच (10 दिसंबर से 7 जनवरी) |
| आसनसोल–रांची–आसनसोल मेमू पैसेंजर | मुरी–रांची–मुरी के बीच (23 दिसंबर से 7 जनवरी) |
| खड़गपुर–हटिया–खड़गपुर एक्सप्रेस | मुरी–हटिया–मुरी के बीच (23 दिसंबर से 7 जनवरी) |
| आसनसोल–हटिया–आसनसोल एक्सप्रेस | मेसरा–हटिया–मेसरा के बीच (24, 25, 27, 28, 29, 31 दिसंबर व 1, 3, 4, 5, 7 जनवरी) |
| रांची–सासाराम एक्सप्रेस | रांची–पिस्का के बीच (23–27 दिसंबर, 29 दिसंबर–3 जनवरी, 5–7 जनवरी) |
| सासाराम–रांची एक्सप्रेस | पिस्का–रांची के बीच (24–28 दिसंबर, 30 दिसंबर–4 जनवरी, 6–8 जनवरी) |
यात्रियों के लिए सलाह
- यात्रा से पहले ट्रेन की नवीनतम स्थिति जांच लें
- टिकट कैंसल/रिफंड नियमों की जानकारी अवश्य लें
- वैकल्पिक ट्रेनों का इस्तेमाल कर सकते हैं
रेलवे का कहना है कि रिमॉडलिंग के बाद यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और सुचारू रेल सेवाएँ मिल सकेंगी।

