लोहरदगा के कुड़ू प्रखंड में हाथियों के झुंड ने कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण रातभर पहरेदारी कर रहे हैं, जबकि एक नाबालिग घायल हो गई। पढ़ें पूरी खबर।
कुड़ू (लोहरदगा) में हाथियों का आतंक, ग्रामीण कर रहे रातजगा
लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के तीन पंचायत—ककरगढ़, चंदलासो और उड़ूमुड़ू—के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण इन दिनों रातभर जागकर पहरेदारी करने को मजबूर हैं। हाथियों के झुंड द्वारा गांवों में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
14 हाथियों का झुंड पहुंचा गांव, फसलों को किया नष्ट
जानकारी के अनुसार, करीब दो माह के बाद 14 हाथियों का झुंड फिर से कुड़ू प्रखंड क्षेत्र में लौट आया है। शनिवार शाम को यह झुंड राहें पहाड़ से निकलकर बडमारा गांव पहुंचा, जहां हाथियों ने खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद झुंड इटरा, चडरा, बडमारा, घाटी टोला होते हुए चंदलासो पंचायत के कोकर और पुरनाडीह गांवों से गुजरता हुआ आगे बढ़ गया। इस दौरान खेतों में लगी बीट, टमाटर, गेहूं, सरसों, फूलगोभी और बंदगोभी सहित अन्य सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ।
ग्रामीणों और वन विभाग की मदद से 12 हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा
ग्रामीणों और वन विभाग की संयुक्त कोशिशों से 12 हाथियों के झुंड को चंदवा जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है। हालांकि ग्रामीणों को आशंका है कि शाम होते ही हाथी फिर से भोजन और पानी की तलाश में गांव की ओर लौट सकते हैं।
पिछले एक सप्ताह से यह झुंड लगातार तीनों पंचायतों के विभिन्न गांवों में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
हाथी के हमले में नाबालिग घायल
इसी बीच झुंड से बिछड़ा एक हाथी बरवाटोली गांव के पास जंगल में डेरा जमाए हुए था। शनिवार देर रात यह हाथी गांव की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान भगदड़ की स्थिति में बरवाटोली निवासी एक नाबालिग बालिका सीमा कुमारी गिर गई, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया।
घायल बालिका को तत्काल कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल रेफर किया गया।
दो हाथी झुंड से अलग, बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि हाथियों के झुंड से दो हाथी अलग हो गए हैं। इनमें से एक बरवाटोली और दूसरा गोली गांव के जंगल में मौजूद है। वन विभाग लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
कुड़ू क्षेत्र में हाथियों की लगातार गतिविधियों से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फसलों के नुकसान के साथ-साथ जान-माल का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में वन विभाग और प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

