भारत ने BRICS 2026 की तैयारियां शुरू कीं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS 2026 का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की। कमल और “नमस्ते” लोगो की खास पहचान।
नई दिल्ली।
भारत ने आधिकारिक रूप से BRICS 2026 की तैयारियों की शुरुआत कर दी है। मंगलवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने BRICS 2026 का लोगो, थीम और आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। इसके साथ ही भारत की BRICS अध्यक्षता के एजेंडे की औपचारिक झलक भी सामने आ गई।
भारत ने इस वर्ष जनवरी में ब्राज़ील से BRICS की अध्यक्षता संभाली है। यह चौथी बार है जब भारत BRICS की कमान संभाल रहा है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी BRICS का अध्यक्ष रह चुका है।

भारत की अध्यक्षता का उद्देश्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत की अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य BRICS देशों की सामूहिक क्षमताओं को एकजुट करना और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में BRICS की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
लोगो में कमल और “नमस्ते” का संदेश
BRICS 2026 के लोगो में भारत के राष्ट्रीय फूल कमल को प्रमुखता से दर्शाया गया है। कमल भारतीय संस्कृति में समृद्धि, शांति और प्रगति का प्रतीक माना जाता है।
लोगो के केंद्र में “नमस्ते” मुद्रा दिखाई गई है, जो भारत की परंपरा, आपसी सम्मान और वैश्विक भाईचारे का संदेश देती है।
यह लोगो विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक ओपन प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया है, जिसमें देशभर के प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
क्या है BRICS 2026 की थीम?
BRICS 2026 की आधिकारिक थीम रखी गई है—
“Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”
(लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण)
डॉ. जयशंकर के अनुसार, यह थीम BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और संतुलित व सतत विकास पर केंद्रित है।
नई वेबसाइट की भूमिका
BRICS 2026 की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी गई है। यह वेबसाइट भारत की अध्यक्षता के दौरान होने वाली:
- बैठकों
- पहलों
- नीतिगत निर्णयों
- कार्यक्रमों
से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता और वैश्विक समुदाय को समय पर अपडेट भी मिल सकेंगे।
BRICS के 20 वर्ष
साल 2026 में BRICS संगठन अपने 20 वर्ष पूरे करेगा। डॉ. जयशंकर ने कहा कि इन दो दशकों में BRICS एक मजबूत वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, जिसने उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दी है।

