विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त) के मौके पर रानी हॉस्पिटल, रांची ने ‘अमृतदान’ नामक एक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य ह्यूमन मिल्क बैंक के लिए माताओं को मानव दूध दान के लिए प्रोत्साहित करना और नवजात शिशुओं को जीवनदायी पोषण उपलब्ध कराना है।
यह झारखंड का एकमात्र ह्यूमन मिल्क बैंक है, जो जनवरी 2024 से सक्रिय है और अब तक 170 से अधिक गंभीर रूप से बीमार एवं कम वजन वाले नवजातों को मां के दूध के जरिए पोषण दे चुका है। यह सेवा 70 से अधिक माताओं द्वारा निस्वार्थ दूधदान से संभव हो पाई है।
तकनीकी उन्नयन और सेवाओं का विस्तार
हॉस्पिटल के निदेशक और नियोनेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि अब ह्यूमन मिल्क बैंक की स्टोरेज क्षमता 16 लीटर तक बढ़ा दी गई है। साथ ही ऑटोमेटेड पाश्चराइज़र और मिल्क एनालाइज़र जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को जोड़ा जा रहा है, ताकि नवजातों को और बेहतर गुणवत्ता की पोषण सेवा दी जा सके।
“कोई भी नवजात मां के दूध से वंचित न रहे”
ह्यूमन मिल्क बैंक की प्रभारी डॉ. गरिमा दीप्ति ने कहा कि,
“हमारा उद्देश्य है कि कोई भी नवजात शिशु मां के दूध से वंचित न रहे। ‘अमृतदान’ अभियान के माध्यम से हम माताओं, स्वास्थ्यकर्मियों और समाज को इस पवित्र कार्य से जोड़ना चाहते हैं।”
डोनर माताओं को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में झारखंड के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, और दूध दान करने वाली माताएं उपस्थित रहीं। समापन पर डोनर माताओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया, ताकि अन्य महिलाएं भी इससे प्रेरणा ले सकें।
करनी राजपूत बनीं प्रेरणा का स्रोत
करनी राजपूत, जो कि एक सक्रिय दूध डोनर हैं, ने इस मौके पर अपनी ओर से ब्रेस्ट पंप और जरूरी किट दान की। उनकी यह पहल अन्य माताओं के लिए प्रेरणा बन रही है और ‘अमृतदान’ अभियान को सामाजिक स्तर पर मजबूत कर रही है।

