Jharkhand में अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 12 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया और 13 आरोपी गिरफ्तार. पढ़ें पूरी खबर.
Ranchi News | Global Media Updates
झारखंड पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने सक्रिय अंतरराज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 12 अपहृत बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस कार्रवाई में गिरोह से जुड़े अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से झारखंड समेत कई राज्यों में बच्चों की तस्करी में लिप्त था और पुलिस से बचते हुए अपना नेटवर्क चला रहा था।
4 से 12 वर्ष तक के बच्चे थे निशाना
बरामद किए गए बच्चों में 10 लड़कियां और 2 लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 4 से 12 वर्ष के बीच है।
ये बच्चे रांची, बोकारो, धनबाद, चाईबासा और लातेहार जिलों से अलग-अलग समय पर लापता हुए थे।
परिजनों द्वारा लगातार पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया।
SIT के विशेष अभियान से मिली सफलता
रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
टीम ने तकनीकी साक्ष्य, खुफिया जानकारी और फील्ड इनपुट के आधार पर गिरोह के नेटवर्क को ट्रेस किया।
लगातार छापेमारी और निगरानी के बाद पुलिस बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराने में सफल रही।
कई राज्यों तक फैला था गिरोह का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं।
यह नेटवर्क पिछले करीब 10 वर्षों से सक्रिय था और कई बार कानून की पकड़ से बच निकलता रहा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस गिरोह को “गुगुलिया गैंग” के नाम से जाना जाता था।
गरीब परिवारों को बनाते थे शिकार
पुलिस का कहना है कि गिरोह विशेष रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को निशाना बनाता था।
वे ऐसे इलाकों में सक्रिय रहते थे जहां लोग कानूनी प्रक्रियाओं से अनजान होते थे और पुलिस तक पहुंचने में झिझकते थे।
बच्चों को बहला-फुसलाकर या जबरन ले जाकर तस्करी की जाती थी।
बच्चों को बेचने की थी साजिश
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह बच्चों को दूसरे राज्यों में बेचने की योजना बना रहा था।
दो सगे भाई-बहनों की बिक्री की तैयारी भी की जा रही थी, लेकिन समय रहते पुलिस की कार्रवाई से यह साजिश नाकाम हो गई।
डीएनए जांच से होगी बच्चों की पहचान
सभी बचाए गए बच्चों को फिलहाल धुर्वा थाना लाया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें उनके परिजनों से मिलाने के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है।
प्रशासन ने बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस की कार्रवाई की सराहना
इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने झारखंड पुलिस की प्रशंसा की है।
लोगों का कहना है कि इस अभियान से कई मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है और अपराधियों के हौसले टूटे हैं।

