आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव ने दलित सचिव को धमकाने के मामले में पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। जानें पूरा विवाद, ऑडियो वायरल और FIR तक की कहानी।
पटना | बिहार राजनीतिक अपडेट:
राजद से छह साल के लिए निष्कासित किए जा चुके पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर अपनी ही पूर्व पार्टी आरजेडी पर तीखा हमला बोला है। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया (X हैंडल) पर एक पोस्ट साझा कर राजद नेतृत्व से तीखा सवाल पूछा—“क्या पार्टी अपने ही विधायक भाई वीरेंद्र पर कार्रवाई करेगी?”
तेज प्रताप ने एक एनिमेटेड फोटो के साथ लिखा कि जिस तरह से बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों के खिलाफ जाकर एक दलित अधिकारी को अपशब्द और धमकी दी गई है, क्या उस पर भी पार्टी उतनी ही सख्ती दिखाएगी, जितनी मुझ पर दिखाई गई?

उन्होंने आगे लिखा, “मुझे तो जयचंदों की साजिश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया। अब देखना ये है कि जो संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ बोल रहे हैं, उन पर पार्टी क्या रुख अपनाती है।”
क्या है पूरा मामला?
मनेर प्रखंड के बलुआ पंचायत के सचिव संदीप कुमार ने राजद विधायक भाई वीरेंद्र पर जातिसूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
संदीप कुमार के मुताबिक, 26 जुलाई को उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को विधायक भाई वीरेंद्र बताया। जब उन्होंने पहचानने से इनकार किया, तो कथित रूप से विधायक ने कहा—“जूते से मारूंगा, पहचान नहीं रहे हो… कुछ भी हो सकता है।”
इस घटना से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
FIR दर्ज, BDO का नोटिस भी विवाद में
ऑडियो वायरल होने के बाद मनेर के बीडीओ ने सचिव संदीप कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिससे मामला और गरमा गया। इसके बाद संदीप कुमार ने पटना स्थित SC-ST थाना में राजद विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है।
तेज प्रताप यादव के सवाल और FIR के बाद अब सभी की निगाहें राजद के रुख पर टिकी हैं।

